Yemen Crisis: संयुक्त राष्ट्र में यमन के दूत ने सऊदी अरब की मदद को सराहा, ईरान और हुती विद्रोहियों पर बोला बड़ा हमला.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की हालिया बैठक में यमन के हालात पर गंभीर चर्चा की गई जहाँ यमन के अधिकारियों ने देश के संकट और पड़ोसी देशों की भूमिका पर खुलकर बात रखी। यमन के स्थायी प्रतिनिधि عبد الله السعدي (Abdullah Al-Saadi) ने सुरक्षा परिषद को बताया कि सऊदी अरब की लगातार आर्थिक, राजनीतिक और मानवीय मदद की वजह से ही यमन के सरकारी संस्थान अभी तक चल पा रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर यह मदद नहीं मिलती तो देश का प्रशासन पूरी तरह बैठ जाता और आम लोगों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ जातीं।
हुती विद्रोहियों और ईरान पर गंभीर आरोप
सत्र के दौरान यमन के प्रतिनिधि ने हुती विद्रोहियों की कड़ी निंदा की और उन पर सैन्य गतिविधियों को तेजी से बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हुती विद्रोहियों को ईरान की तरफ से लगातार समर्थन मिल रहा है और यही समर्थन देश में अस्थिरता का मुख्य कारण बना हुआ है। सरकार का यह भी कहना था कि वे किसी भी ऐसे शांति समझौते को स्वीकार नहीं करेंगे जिससे इन मिलिशिया समूहों को दोबारा हथियारबंद होने का मौका मिल जाए। सरकार इस समय देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और सरकारी कर्मचारियों को वेतन देने के लिए अपने तेल निर्यात को फिर से शुरू करने की कोशिश कर रही है।
युद्ध की वापसी का बड़ा खतरा
इसी बैठक में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत Hans Grundberg ने चेतावनी दी कि यमन एक बार फिर बड़े पैमाने पर संघर्ष की तरफ बढ़ रहा है जो साल 2022 के समझौते के बाद से अब तक की सबसे खतरनाक स्थिति है। उन्होंने फ्रंटलाइन पर बढ़ते तनाव और लाल सागर तथा अदन की खाड़ी में कमर्शियल जहाजों पर हो रहे हुती हमलों पर गहरी चिंता जताई। इसके अलावा उन्होंने हुती आंदोलन द्वारा हिरासत में लिए गए 73 संयुक्त राष्ट्र कर्मियों और अन्य मानवीय कार्यकर्ताओं को तुरंत और बिना किसी शर्त के रिहा करने की मांग की। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए ReliefWeb की रिपोर्ट यहाँ देख सकते हैं।
भूख और स्वास्थ्य सेवाओं का संकट
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के अवर महासचिव Tom Fletcher ने भी परिषद के सामने देश में बढ़ती भुखमरी और यमन के स्वास्थ्य ढांचे के पूरी तरह ढह जाने की बात पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि आम नागरिकों के पास खाने और इलाज के लिए बुनियादी सुविधाएं भी नहीं बची हैं जिससे हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। सुरक्षा परिषद के तमाम सदस्यों ने यमन में शांति बहाली और मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। इस पूरी स्थिति पर आधिकारिक प्रेस बयान पढ़ने के लिए आप यहाँ क्लिक कर सकते हैं।