Yemen में हूती विद्रोहियों पर भड़की सरकार, राष्ट्रपति रशाद अल-अलिमी ने किया कड़ा एक्शन लेने का ऐलान.

यमन की राजनीति और सुरक्षा को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ यमन के राष्ट्रपति ने अब साफ कह दिया है कि हूती विद्रोहियों की हरकतों को अब और सहन नहीं किया जाएगा। यमन की प्रेसिडेंटियल लीडरशिप काउंसिल यानी PLC के प्रमुख Rashad al-Alimi ने आज यानी 12 अगस्त 2026 को यह ऐलान किया कि हूती मिलिशिया की तरफ से अब जो भी कदम उठाया जाएगा, उसका बहुत कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। इस नए ऐलान से यमन सरकार के रुख में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे यह साफ होता है कि सरकार अब देश के नागरिकों, सरकारी दफ्तरों और अपनी जमीन की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है।
हूती हमलों में हुई थी कई लोगों की मौत
यह पूरा मामला तब गर्माया जब हाल ही में हूती विद्रोहियों ने एक के बाद एक कई खतरनाक हमलों को अंजाम दिया। 11 या 12 अगस्त 2026 को बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में एक कमर्शियल जहाज पर खतरनाक मिसाइल से हमला किया गया, जिसमें कुल 6 लोगों की जान चली गई। इन मृतकों में 4 क्रू मेंबर और सरकार का समर्थन करने वाले नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेस के 2 लड़ाके शामिल थे। इस दर्दनाक हादसे के बाद पाकिस्तान की तरफ से भी इस बात की पुष्टि की गई कि मारे गए लोगों में 3 नागरिक पाकिस्तान के भी रहने वाले थे। इसके अलावा 9 अगस्त को भी हूती विद्रोहियों ने मोखा शहर पर कई दिनों तक चलने वाला हमला शुरू किया था, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल करके सैन्य ठिकानों और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया गया था। बढ़ते तनाव को देखते हुए यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल ने भी 8 अगस्त को अपनी चिंता जाहिर की थी।
सरकार और डिफेंस काउंसिल ने बनाई कड़ी रणनीति
राष्ट्रपति Rashad al-Alimi ने जनता को संबोधित करते हुए बताया कि अब यमन की सरकार पहले से कहीं ज्यादा मजबूत, एकजुट और अपने नागरिकों की रक्षा करने के लिए तैयार है। उन्होंने इससे पहले 10 अगस्त को भी यह बात कही थी कि अब देश की राजनीतिक और सैन्य स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और बिना किसी परिणाम के हूती हमलों का दौर अब हमेशा के लिए खत्म हो चुका है। मोखा शहर पर हुए हमलों के बाद सरकार का तेवर और ज्यादा सख्त हो गया है। इसके अलावा 11 अगस्त को राष्ट्रपति ने यह भी दोहराया कि हूती विद्रोहियों का यह रवैया अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए शांति की उम्मीदों को बचाने का एक नया इम्तिहान है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से अपील की है कि वे वैध सरकार और आतंकवादी मिलिशिया को एक जैसा समझना बंद करें। यमन की नेशनल डिफेंस काउंसिल ने भी 8 अगस्त 2026 को हुई बैठक में कई अहम प्रस्ताव पास किए ताकि हूती हमलों का तुरंत और कड़ाई से जवाब दिया जा सके।