Yemen: हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद यमनी सेना का कड़ा पलटवार, कई इलाकों में शुरू हुआ सैन्य ऑपरेशन.

यमन में हालात एक बार फिर बिगड़ गए हैं। 8 अगस्त 2026 को यमनी सशस्त्र बलों ने हूती 'आतंकवादी तत्वों' के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। यह कार्रवाई हूतियों द्वारा किए गए उन हमलों के जवाब में की गई है, जिनमें कई सैनिकों और आम नागरिकों की जान चली गई थी। सैन्य प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नुजाइली ने बताया कि यह ऑपरेशन देश की सुरक्षा और बेगुनाह लोगों को बचाने के लिए जरूरी हो गया था।
हमलों का सिलसिला और सरकारी कार्रवाई
पिछले कुछ दिनों से यमन के Marib और Hadhramaut प्रांतों में तनाव चरम पर है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हूतियों द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों में 17 सैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 30 से 45 के बीच बताई जा रही है। इसके अलावा, 7 अगस्त 2026 को विस्थापितों के कैंपों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, जिसमें 2 आम नागरिकों की मौत हुई और 14 लोग घायल हो गए।
इन हमलों के बाद, डॉ. रशाद अल-अलीमी की अध्यक्षता में नेशनल डिफेंस काउंसिल की एक आपातकालीन बैठक हुई। इस बैठक में सेना को पूरी तरह सतर्क रहने और हूतियों के किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। यमनी सेना ने हूतियों पर विदेशी एजेंडे के तहत ईरान के समर्थन से काम करने का भी आरोप लगाया है।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चिंता
यमन में हो रहे इस नए टकराव ने पूरी दुनिया को चिंतित कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत Hans Grundberg ने चेतावनी दी है कि हूतियों द्वारा लाल सागर में व्यापारिक जहाजों और जमीनी ठिकानों पर किए जा रहे हमले साल 2022 के संघर्ष विराम के बाद से सबसे बड़े खतरे के रूप में उभरे हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी इन हमलों की निंदा की है। अरब लीग ने भी इसे क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा माना है। फिलहाल, हूतियों की ओर से यमनी सेना के इस ऑपरेशन पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।