Yemen पर बड़ा हमला, मोखा पोर्ट पर हूथी विद्रोहियों ने दागे 86 प्रोजेक्टाइल, य Yemeni सेना ने किया तगड़ा पलटवार।

यमन के मोखा पोर्ट पर हूथी विद्रोहियों ने लगातार खतरनाक हमले किए, जिसके बाद यमन की सरकारी सेना ने बहुत बड़ा जवाबी एक्शन लिया है। इस भीषण हमले में आम नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों समेत कई लोगों की जान चली गई है और पोर्ट को करोड़ों रुपये का भारी नुकसान हुआ है। हालात इतने ज्यादा बिगड़ गए हैं कि वहां पर सभी तरह के कमर्शियल और समुद्री काम पूरी तरह से बंद करने पड़े हैं।
मोखा पोर्ट पर हुआ था भारी हमला
तइज गवर्नरट में स्थित रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण Mocha port पर 14 और 15 अगस्त 2026 को हूथी मिलिशिया ने अचानक ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए। विद्रोही गुट ने इस सिविलियन फैसिलिटी को निशाना बनाते हुए लगभग 86 प्रोजेक्टाइल दागे, जिनमें खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइलें और विस्फोटक ड्रोन शामिल थे। इस अंधाधुंध बमबारी की वजह से कम से कम चार से आठ लोगों की मौत हो गई, जिसमें आम लोग और सुरक्षा बल के जवान दोनों शामिल थे। इस हमले की वजह से पोर्ट को लगभग $16 मिलियन यानी भारतीय रुपयों में बहुत बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ है, जिससे पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है।
यमन सरकार और सेना का कड़ा रुख
य Yemeni Armed Forces के आधिकारिक प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नाजीली (Colonel Majid Al-Nazeeli) ने इस कायराना हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार किसी भी कीमत पर इस मिलिशिया को देश की फूड सिक्योरिटी और आम जनता के बुनियादी ढांचे के साथ खिलवाड़ नहीं करने देगी। इसके अलावा, तारेक सालेह के नेतृत्व वाली नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज के अधिकारियों का कहना है कि मैदान में लगातार मिल रही करारी हार के बाद हूथी विद्रोहियों का यह कदम केवल उनकी निराशा को दिखाता है। विद्रोही अब जानबूझकर सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को अपना निशाना बना रहे हैं ताकि वे अपनी हार छिपा सकें।
सऊदी अरब के Najran में भी हुआ ड्रोन हमला
मोखा पोर्ट पर किए गए हमलों के अलावा हूथी गुट ने अपनी हरकतों से बाज न आते हुए सऊदी अरब के नज़रान में स्थित एक Aramco facility पर भी अलग से ड्रोन हमले का दावा किया है। इस घटना के बाद से पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है, जिससे वहां काम करने वाले प्रवासियों और आम नागरिकों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। यमन की सैन्य यूनिटों ने बढ़ते खतरे को देखते हुए मारिब में अपने काउंटर-ऑपरेशन बहुत तेज कर दिए हैं। सेना ने कार्रवाई करते हुए कई हथियारों के गोदाम तबाह कर दिए हैं और आसमान में उड़ रहे विद्रोही ड्रोन्स को नीचे गिरा दिया है। यमन की सेना ने साफ कर दिया है कि वे इस लगातार जारी आक्रामकता का बहुत जल्द और निर्णायक जवाब देंगे।