यमन के अल-बारह फ्रंट पर Houthis का बड़ा हमला नाकाम, सेना ने हवा में मार गिराया ड्रोन.

Sushma Kumari20 August 20262 min read86 viewsYemen
यमन के अल-बारह फ्रंट पर Houthis का बड़ा हमला नाकाम, सेना ने हवा में मार गिराया ड्रोन.

यमन की सरकारी सेना ने 20 अगस्त 2026 को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हूती मिलिशिया के ईरान निर्मित 'रजूम' अटैक ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है। यह ड्रोन ताइज़ के पश्चिम में स्थित अल-बारह फ्रंट पर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था। इस पूरी घटना को अल-अरबिया के पत्रकार अहमद बज़ातो ने अपनी आंखों से देखा जब वे खुद फ्रंट लाइन पर रिपोर्टिंग कर रहे थे। अल-बारह इलाके के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल नोमान अल-फातिमी ने बताया कि यमन की सेना ने नई युद्ध रणनीतियों का इस्तेमाल करके हूती मिलिशिया के मंसूबों को पूरी तरह से विफल कर दिया है और मैदान में बेहतरीन नतीजे हासिल किए हैं।

सेना के 81 बड़े ऑपरेशन और विदेशी एक्सपर्ट्स की मौत

यमन की सशस्त्र सेनाओं के प्रवक्ता कर्नल माजिद अब्दुल्ला अल-जुबैरी ने जानकारी दी कि सेना ने पिछले 24 घंटों में हूती ठिकानों के खिलाफ कुल 81 ऑपरेशन चलाए। इन ताबड़तोड़ हमलों में कई बड़े फील्ड कमांडर और लड़ाके मारे गए हैं, साथ ही उनके भारी हथियारों और उपकरणों को भी पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। सुरक्षा सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि अल-बारह सेक्टर में हुई सटीक बमबारी के दौरान ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े तीन विदेशी एक्सपर्ट्स की भी मौत हो गई, जिनमें दो ईरानी नागरिक और एक इराकी नागरिक शामिल था।

मोचा पोर्ट को तबाह करने की साजिश

प्रेसीडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के उपाध्यक्ष तारेक सालेह ने कड़ा बयान देते हुए कहा है कि हूती मिलिशिया की तरफ से बढ़ाई जा रही हिंसा के पीछे सीधे तौर पर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड का हाथ है। उनका मकसद यमन के आम लोगों पर घेराबंदी को और ज्यादा सख्त करना और मोचा पोर्ट के कामकाज को ठप करना है। तारेक सालेह के मुताबिक, हूती लड़ाकों ने अपने नापाक मंसूबों को पूरा करने के लिए हाल ही में 56 बैलिस्टिक मिसाइलें और 44 विस्फोटक ड्रोन दागे थे, लेकिन उनके ये सारे प्रयास बुरी तरह असफल रहे। भारी नुकसान उठाने के बाद हूती मिलिशिया ने अब सादा और धमार से 'अल-फतह ब्रिगेड' को अल-बारह और होदेइदाह फ्रंट पर तैनात किया है, जिसने 'अल-समद ब्रिगेड' की जगह ली है। इस बीच, अल-फतह ब्रिगेड का कमांडर भी लड़ाई के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिससे हूती गुट को एक और बड़ा झटका लगा है। लाल सागर में यमन की नौसेना और कोस्ट गार्ड लगातार ईरान समर्थित हथियारों की तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने और रोकने के लिए पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं।

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