Yemen: ताइज़ में यमनी सेना ने गिराया हूथी ड्रोन, ईरान से जुड़े तीन विशेषज्ञों की मौत.

यमन के ताइज़ शहर में सुरक्षा हालात एक बार फिर काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। सरकारी बलों ने 20 अगस्त 2026 को अल-बारह फ्रंट पर हूथी विद्रोहियों के एक ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है। इस इलाके में पिछले कुछ दिनों से लगातार भीषण झड़पें चल रही हैं, जिससे आम जनजीवन और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ रहा है। सरकारी सेना ने अपनी रक्षात्मक रणनीतियों में बदलाव करते हुए आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है ताकि विद्रोहियों की हर चाल को नाकाम किया जा सके।
अल-बारह फ्रंट पर सेना की नई रणनीति
अल-बारह डिस्ट्रिक्ट नेशनल रेजिस्टेंस के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल नुमान अल-फातिमी ने इस बात की पुष्टि की है कि उनकी सेना ने नई युद्ध रणनीतियों को अपनाया है। इन नई रणनीतियों की मदद से हूथी लड़ाकों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। खुफिया जानकारी का सही इस्तेमाल करके सेना ने ड्रोन हमलों का प्रभावी जवाब दिया है। 20 अगस्त को हुई एक अन्य घटना में ड्रोन हमले के दौरान हूथी संगठन की 'अल-फताह ब्रिगेड' यानी थर्ड ब्रिगेड का कमांडर गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके अलावा, यमनी सैन्य स्रोतों ने यह भी जानकारी दी है कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े तीन विदेशी विशेषज्ञों की इस संघर्ष में मौत हो गई है, जिनमें एक नागरिक इराक का और दो नागरिक ईरान के रहने वाले थे।
ताइज़ गवर्नरट में लगातार बढ़ रहा तनाव
ये ताजा झड़पे 19 अगस्त 2026 को बढ़े तनाव के बाद सामने आई हैं। उस दिन सरकारी बलों ने ताइज़ गवर्नरट के भीतर हूथी ठिकानों और उनके मुख्य कमांड सेंटर्स को निशाना बनाकर ड्रोन हमले किए थे। सोफेन सेंटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस संघर्ष में आधुनिक ड्रोन का इस्तेमाल लगातार बढ़ता जा रहा है। शोधकर्ताओं ने बताया कि जहां एक तरफ प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल ने संशोधित और स्वदेशी रूप से तैयार ड्रोन-गिराए जाने वाले हथियारों का इस्तेमाल बढ़ाया है, वहीं हूथी गुट के पास अभी भी कई तरह के सिस्टम और बड़े पैमाने पर मैदानी अनुभव मौजूद है, जिससे आने वाले दिनों में संघर्ष के और तेज होने की आशंका बनी हुई है।