यमन के Taiz शहर में भड़की हिंसा, सरकारी बलों की जवाबी कार्रवाई में मारे गए 8 लड़ाकू.

Nura Basta25 August 20262 min read68 viewsYemen
यमन के Taiz शहर में भड़की हिंसा, सरकारी बलों की जवाबी कार्रवाई में मारे गए 8 लड़ाकू.

यमन की राजधानी और अन्य प्रमुख शहरों में एक बार फिर से तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। 25 अगस्त 2026 को यमन के सरकारी बलों ने Taiz शहर में हौथी लड़ाकों के एक बड़े हमले को नाकाम कर दिया। इस भीषण झड़प के दौरान कुल आठ हौथी लड़ाके मारे गए। सरकारी समाचार एजेंसी Saba TRV से मिली जानकारी के मुताबिक, यह घमासान Taiz के उत्तर में स्थित कलाबाह फ्रंट पर हुआ, जहां सरकारी सेना ने हौथी विद्रोहियों की तरफ से हो रही गोलीबारी और जमीन पर उनकी हरकतों का मुंहतोड़ जवाब दिया।

दूसरी ओर, इसी दिन एक और अलग घटना में Red Sea के पास बसे बंदरगाह शहर Hodeidah के दक्षिण में नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेस ने भी हवाई और जमीनी स्तर पर कार्रवाई की। इस कार्रवाई में चौदह और हौथी लड़ाकों के मारे जाने की खबर सामने आई है। इन सैन्य अभियानों में अल कुद्स ब्रिगेड समेत कई अन्य सैन्य टुकड़ियां भी शामिल थीं, जिनका नेतृत्व अबू अल अज्ज़ रिमा कर रहे थे। साल 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के बाद से यह संघर्ष अब तक का सबसे बड़ा और खतरनाक escalation माना जा रहा है, जिससे आम जनता की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे पैदा हो गए हैं.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और मानवाधिकार अधिकारियों की चेतावनी

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यमन में अचानक से भड़की इस हिंसा के बाद दुनिया भर के बड़े अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों ने चिंता जाहिर की है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्च आयुक्त Volker Turk ने कहा कि संघर्ष के इस तरह तेज होने की वजह से आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और उन्होंने सभी पक्षों से तनाव को तुरंत कम करने की अपील की। इसके अलावा, यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत Hans Grundberg ने भी warring पार्टियों से अनुरोध किया कि वे आम जनता की जान माल की सुरक्षा और बुनियादी सिविल ढांचे को प्राथमिकता दें। लगातार बढ़ रही इन झड़पों ने क्षेत्रीय शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है.

राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद का कड़ा रुख

यमन की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष Rashad Al-Alimi ने 24 अगस्त 2026 को जर्मन रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यमन की सरकारी सेना हौथी विद्रोहियों के कमांड और कंट्रोल सेंटर्स के खिलाफ अपने सख्त और दर्दनाक हमले जारी रखेगी। अल-अजमी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यह भी आग्रह किया कि वे ईरान और उसके सहयोगियों के खिलाफ एक मजबूत और सख्त रवैया अपनाएं ताकि हथियारों की तस्करी और आर्थिक मदद के रास्तों को पूरी तरह से रोका जा सके। राष्ट्रपति परिषद ने देश की व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने और हौथी नियंत्रण वाले इलाकों को मुक्त कराने के लिए नए सुरक्षा उपायों को मंजूरी दे दी है। जुलाई 2026 के बाद से ही यमन के कई गवर्नरट्स में तनाव लगातार बढ़ रहा है.

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