Yemen News: य Yemeni Forces ने मोखा पोर्ट पर हमले का लिया बदला, 48 घंटे में 200 हूती लड़ाके ढेर.

Aanya16 August 20262 min read95 viewsYemen
Yemen News: य Yemeni Forces ने मोखा पोर्ट पर हमले का लिया बदला, 48 घंटे में 200 हूती लड़ाके ढेर.

यमन में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और सैन्य बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले 48 घंटे में 200 से ज्यादा हूती लड़ाकों को मार गिराया है। सरकारी सेना ने देश के कई इलाकों में ताबड़तोड़ सैन्य अभियान चलाए हैं ताकि हूती विद्रोहियों की हरकतों पर लगाम लगाई जा सके और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सैन्य प्रवक्ता कर्नल माजिद अब्दुल्ला अल-नुजैली ने इस बात की पुष्टि की है कि सरकारी बलों ने ताइज, मारिब, अभ्यान, अल-धालेह और अल-हुदायदाह गवर्नरेट में कुल 181 ऑपरेशन चलाए। इन ऑपरेशंस में हूती विद्रोहियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है और उनके कई हथियार डिपो तथा सैन्य वाहन नष्ट कर दिए गए हैं। मारे गए लोगों में हूती सेना की कुलीन मानी जाने वाली 'अल-समद ब्रिगेड' के कई सदस्य भी शामिल हैं।

मोखा पोर्ट पर हमलों के बाद भड़की हिंसा

यमन सरकार की तरफ से यह कड़ी कार्रवाई हाल ही में मोखा पोर्ट पर हुए हमलों के जवाब में की गई है। हूती विद्रोहियों ने 15 अगस्त 2026 को मोखा पोर्ट पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिसके चलते बंदरगाह पर कमर्शियल और मैरीटाइम गतिविधियों को पूरी तरह से रोकना पड़ गया था। मोखा पोर्ट के डायरेक्टर अब्दुलमलिक अल-शराबी ने जानकारी दी थी कि इन हमलों में पोर्ट के चार सुरक्षा कर्मियों और तीन कर्मचारियों समेत कुल सात लोगों की जान चली गई थी। इस हमले से बंदरगाह को लगभग $16 million यानी 16 मिलियन डॉलर का भारी नुकसान उठाना पड़ा था। लगातार हो रहे इन हमलों की वजह से पोर्ट पर काम करने वाले 1,300 मजदूरों की रोजी-रोटी पर भी बड़ा संकट आ गया है क्योंकि 9 अगस्त से लेकर अब तक इस सुविधा पर 25 से ज्यादा मिसाइलें गिर चुकी हैं, जिससे कई नावें और एक ड्रेजर भी क्षतिग्रस्त हो गया है।

मारिब में रिहायशी इलाकों पर हमले और नागरिकों की मुश्किलें

यमन के मारिब गवर्नरेट में भी हूती विद्रोहियों ने आम नागरिकों को निशाना बनाया है और रिहायशी इलाकों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागी हैं। मारिब के मीडिया ऑफिस ने बताया कि विद्रोही गुट ने 15 और 16 अगस्त को रिहायशी इलाकों पर 6 बैलिस्टिक मिसाइलें और 4 ड्रोन दागे, जिससे कम से कम 4 लोग घायल हो गए और कई घरों तथा गाड़ियों को गंभीर नुकसान पहुंचा। प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के चेयरमैन रशद अल-अलिमी ने चेतावनी दी है कि मोखा पोर्ट जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने से समंदर में शिपिंग ट्रैफिक प्रभावित होता है और देश में खाने-पीने का सामान तथा ईंधन की सप्लाई बाधित होती है, जिससे आने वाले समय में गंभीर मानवीय संकट पैदा हो सकता है। सरकार और स्थानीय प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे इन हमलों का कड़ा संज्ञान लें और इन्हें अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन मानकर उचित कदम उठाएं।

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