Yemen Attack: यमनी बलों ने मोखा और मारिब में सऊदी ठिकानों पर बोला हमला, बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से मचा हड़कंप

Aanya11 August 20262 min read81 viewsYemen
Yemen Attack: यमनी बलों ने मोखा और मारिब में सऊदी ठिकानों पर बोला हमला, बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से मचा हड़कंप

यमन के सशस्त्र बलों ने 11 अगस्त 2026 को सऊदी अरब के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर सटीक हमले किए हैं। यमनी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारेे ने इस बात की जानकारी दी है कि इन हमलों में सऊदी सैनिकों के जमावड़े और सैन्य उपकरणों को निशाना बनाया गया। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया, जिससे इलाके में भारी तबाही मच गई। इन हमलों में हथियारों के जखीरे, कमांड सेंटर और सैनिकों के ठहरने की जगहों को पूरी तरह से तबाह कर दिया गया।

सऊदी अरब के इन बड़े कैंपों पर हुआ हमला

यूनिट्स की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस हमले में मारिब प्रांत के सहन अल-जिन्न कैंप और तदावीन कैंप को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया। इसके अलावा लाल सागर के तट पर बसे मोखा शहर के सैन्य और बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया है। प्रवक्ता ने यह साफ कर दिया है कि यमनी बल 'बदले के लिए बदला' और 'घेराबंदी के लिए घेराबंदी' की नीति पर काम कर रहे हैं। इन हमलों की वजह से सऊदी नागरिकों समेत दर्जनों लोगों के मारे जाने और घायल होने की खबर सामने आई है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है।

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बढ़ते तनाव से पूर्ण पैमाने पर गृहयुद्ध का डर

पिछले कुछ दिनों से यमन की तरफ से लगातार हमले किए जा रहे हैं। इससे पहले 7 अगस्त, 9 अगस्त और 10 अगस्त को भी कई जगहों पर हमले की खबरें आई थीं। 9 अगस्त को जिजान स्थित सऊदी अरामको रिफाइनरी पर भी हमला किया गया था और 11 अगस्त को बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में एक जहाज पर हुए हमले में छह लोगों की मौत हो गई थी। इन लगातार हो रही घटनाओं की वजह से एक बार फिर से पूर्ण पैमाने पर गृहयुद्ध छिड़ने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे आम लोगों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

सुरक्षा के लिए देशों ने उठाए कड़े कदम

इन लगातार हमलों से निपटने और लाल सागर में शिपिंग रूट को सुरक्षित रखने के लिए सऊदी अरब ने 13 देशों का एक नया समुद्री गठबंधन तैयार किया है। इसके अलावा सऊदी सरकार ने पाकिस्तान और तुर्की के साथ एक आपसी रक्षा संधि पर भी हस्ताक्षर किए हैं। दूसरी तरफ, यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने यह बयान दिया है कि मोखा पर होने वाले इन हमलों में लगातार सैन्य, नागरिक और पोर्ट के इन्फ्रास्ट्रक्चर को ही निशाना बनाया जा रहा है, जिससे हालात और ज्यादा गंभीर होते जा रहे हैं।

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