Red Sea में बड़ा हमला, सऊदी अरब के ऑयल टैंकर और मिलिट्री काफिले पर मिसाइल स्ट्राइक.

लाल सागर में सुरक्षा का माहौल अचानक गरमा गया है जब यमनी सशस्त्र बलों ने सऊदी अरब के एक बड़े जहाज को निशाना बनाया। 24 अगस्त 2026 को हुई इस घटना ने समुद्री व्यापार और सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं। इस हमले के दौरान सऊदी अरब का झंडा लगा हुआ ऑयल टैंकर 'अमजान' सीधे तौर पर इसकी चपेट में आया। इस पूरी कार्रवाई को लेकर समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट साझा की है और इलाके में स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है.
ऑयल टैंकर पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला
यमन के हूती समूह का प्रतिनिधित्व करने वाले यमनी सशस्त्र बलों ने लाल सागर के उत्तरी हिस्से में इस खतरनाक कार्रवाई को अंजाम दिया। यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO से मिली जानकारी के अनुसार, यह हमला यान्बु शहर से लगभग 63 नॉटिकल मील पश्चिम की दिशा में हुआ। मिसाइल लगने के बाद जहाज के मुख्य डेक पर भीषण आग लग गई, जिसके बाद आसपास मौजूद दूसरे जहाजों को तुरंत वहां से हटाना पड़ा ताकि किसी बड़े खतरे से बचा जा सके.
ऑयल टैंकर 'अमजान' का संचालन और स्वामित्व रखने वाली सऊदी अरब की राष्ट्रीय शिपिंग कंपनी Bahri ने इस घटना की पूरी पुष्टि की है। कंपनी की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक जहाज पर सवार सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान या चोट की कोई खबर नहीं है। इसके अलावा, ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा फर्म Vanguard Tech ने भी इस बात की पुष्टि की है कि इस घटना से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.
यमीनी सेना का बयान और अन्य सैन्य कार्रवाई
हमले के बाद यमनी सशस्त्र बलों की ओर से बयान जारी किया गया जिसमें कहा गया कि यह एक सटीक अभियान था। उनका उद्देश्य इस क्षेत्र के जरिए सऊदी अरब पर समुद्री प्रतिबंध लगाना था जिसे वे घेराबंदी के जवाब में घेराबंदी की रणनीति बता रहे हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि अगर आगे किसी भी तरह का तनाव या escalation बढ़ाया गया तो इससे भी बड़े और गंभीर कदम उठाए जाएंगे.
सिर्फ ऑयल टैंकर ही नहीं, बल्कि उसी दिन यमनी बलों ने दो अन्य सैन्य अभियानों की जिम्मेदारी भी ली है। पहला निशाना अल-अब्र और अल-वादीआह क्षेत्रों में मौजूद एक सऊदी सैन्य काफिला था, जिसमें सैन्य उपकरणों से भरे दस से अधिक ट्रक पूरी तरह नष्ट कर दिए गए। वहीं दूसरे अभियान में अल-कनाइस में तैनात सऊदी बलों को निशाना बनाया गया, जिसमें कई कमांडरों और अधिकारियों के हताहत होने का दावा किया गया और साथ ही कई हथियार भंडारों को भी तबाह कर दिया गया.