Yemen War Update: यमनी सरकारी सेना ने हौथी ठिकानों पर बढ़ाई ड्रोन स्ट्राइक, कई मोर्चों पर जारी है संघर्ष.

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच सरकारी सेना ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है और अब कई प्रमुख मोर्चों पर दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए ड्रोन हमलों को तेज कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और सऊदी नीत गठबंधन के समर्थन से यह जवाबी कार्रवाई की जा रही है, ताकि ईरान समर्थित हौथी समूह के ड्रोन युद्ध के पुराने फायदे को चुनौती दी जा सके। इस नई रणनीति से हौथी विद्रोहियों की सप्लाई लाइन और सैनिकों की आवाजाही पर काफी असर पड़ रहा है, जिससे मैरिब, अल-जौफ, ताइज, हज्जा और अद-दली जैसे इलाकों में तनाव और अधिक बढ़ गया है।
हिंसा में बढ़ोतरी और हालिया हमले
जुलाई की शुरुआत से ही क्षेत्रीय संघर्ष में भारी तेजी देखने को मिली है, खासकर 14 अगस्त से 15 अगस्त के बीच दोनों पक्षों के बीच भयंकर झड़पें हुईं। हौथी बलों ने हड्रामawt में 'नेशन शेल' कैंपों पर समन्वित ड्रोन और मिसाइल से हमले किए, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए। इसके अलावा, विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जाज़ान स्थित एक अरामको रिफाइनरी पर भी हमला करने का दावा किया। बंदरगाह शहर मोखा पर हुए एक अन्य मिसाइल हमले में 8 लोगों की जान चली गई और दो जहाजों को भारी नुकसान पहुंचा।
आधिकारिक बयान और चेतावनी
तइज में चल रही झड़पों की पुष्टि करते हुए सरकार समर्थक सैन्य प्रवक्ता वादाह अल-दुबेश ने स्थिति की जानकारी दी। वहीं, प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के चेयरमैन रशाद अल-अलिमी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हौथी गुट की तरफ से लगातार हो रहे इन हमलों की भारी कीमत चुकानी होगी। संयुक्त राष्ट्र ने भी चेतावनी दी है कि वर्ष 2022 के बाद से इस देश में गृहयुद्ध के दोबारा भड़कने का सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां इस बिगड़ते हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।