यमन नेशनल डिफेंस काउंसिल का कड़ा फैसला, मोखा पर हमले के बाद अब हूती विद्रोहियों पर होगी बड़ी कार्रवाई।

यमन में हालात एक बार फिर से काफी तनावपूर्ण हो गए हैं और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। यमन नेशनल डिफेंस काउंसिल ने हाल ही में एक बड़ी बैठक की और हूती मिलिशिया द्वारा किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की। यह बैठक प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख डॉ. रशाद मोहम्मद अल-अलीमी की अध्यक्षता में हुई थी। काउंसिल ने साफ कहा कि आम नागरिकों के कैंप, आर्थिक ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने से विद्रोहियों को कोई फायदा नहीं मिलने वाला है। सरकार और यमन की सेना देश से इस कब्जे को खत्म करने के लिए पूरी तरह तैयार है और पीछे नहीं हटेगी।
हमलों में तेजी और भारी नुकसान
पिछले कुछ दिनों में यमन के अलग-अलग हिस्सों में हिंसा काफी बढ़ गई है। राहत संस्था रिलीफवेब की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 3 अगस्त से 9 अगस्त 2026 के बीच हमलों में मरने वालों की संख्या में तेजी आई है। इस दौरान कुल 119 घटनाएं दर्ज की गईं जिनमें 102 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इन हमलों में हद्रमावत और मारिब जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं जहां कई बेकसूर लोगों की जान चली गई। इसके अलावा मोखा शहर पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया गया, जिससे पोर्ट का काम पूरी तरह ठप हो गया और लगभग 16 मिलियन डॉलर यानी करीब 16 करोड़ रुपये से ज्यादा का भारी नुकसान हुआ है।
सेना का कड़ा रुख और सुरक्षा बढ़ाई गई
बढ़ते हमलों को देखते हुए यमन की सशस्त्र सेना ने भी अपना एक्शन तेज कर दिया है। सेना ने सिर्फ 24 घंटे के भीतर ताएज, मारिब, أب्यान् यानी Abyan, अल धले और होदेइदाह जैसे मोर्चों पर कुल 181 सैन्य अभियान चलाए। हालात की गंभीरता को देखते हुए नेशनल डिफेंस काउंसिल ने सेना को हवाई और मिसाइल हमलों से जुड़ी deterrence operations को और ज्यादा फैलाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही सभी मोर्चों पर सुरक्षा व्यवस्था को बहुत मजबूत करने का आदेश भी जारी किया गया है।
समुद्री रास्तों और तेल संपत्तियों पर खतरा
जमीनी हमलों के अलावा बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य यानी Bab al-Mandab Strait से गुजरने वाले समुद्री जहाजों को भी निशाना बनाया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय ऊर्जा संपत्तियों को बड़ा खतरा पैदा हो गया है। इन तमाम सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए काउंसिल ने हूती गुर्गों और हथियारों की तस्करी करने वाले नेटवर्कों के खिलाफ खुफिया यानी intelligence operations को और अधिक तेज कर दिया है। इस पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी आप ReliefWeb Report पर जाकर देख सकते हैं।