Yemen: यमन के बाब अल-मंडब में बड़ा हमला नाकाम, हूती विद्रोहियों की विष्फोटक नाव को किया तबाह.

यमन के तटीय इलाकों में सुरक्षा बलों ने एक बार फिर से बड़ा खतरा टाल दिया है और हूती विद्रोहियों के नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया है। शनिवार, 22 अगस्त 2026 को यमन नेशनल रेजिस्टेंस नवल फोर्सेस ने लाल सागर के महत्वपूर्ण बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य में हूती मिलिशिया द्वारा तैनात एक खतरनाक विस्फोटक नाव को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन के पास एक समुद्री बारूदी सुरंग का भी पता चला जिसे समय रहते संभाल लिया गया।
मेजर जनरल सादिक दुवैद का बड़ा बयान
नेशनल रेजिस्टेंस के आधिकारिक प्रवक्ता मेजर जनरल सादिक दुवैद ने इस बात की पुष्टि की है कि प्रेसिडेंटियल लीडरशिप काउंसिल के सदस्य तारेक सालेह के नेतृत्व में सेना लाल सागर की नेविगेशन और वैश्विक व्यापार की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। मोखा शहर में इसका मुख्यालय है और यह बल ताइज़ तथा होदेइदाह के पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में अपनी चौकसी लगातार बनाए हुए है। ईरान समर्थित इन मिलिशिया की हरकतों का डटकर मुकाबला किया जा रहा है ताकि समुद्री रास्तों से होने वाले व्यापार पर कोई आंच न आए।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव और हमले
यह ताजा घटना क्षेत्र में हाल ही में बढ़े तनाव के बाद सामने आई है। इससे पहले शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 की शाम को सुरक्षा बलों ने अल-बरह मोर्चे पर हूती विद्रोहियों के घुसपैठ के प्रयास को पूरी तरह नाकाम कर दिया था। इसके अलावा, 22 अगस्त 2026 को यमन के दक्षिण, पश्चिम और पूर्व हिस्सों में कई धमाकों की खबर आई थी जिसमें मोखा के नौसेना बेस को निशाना बनाने के लिए भेजी गई विस्फोटक नावें भी शामिल थीं। मोखा शहर पर 9 अगस्त 2026 से ही लगातार बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों का दबाव बना हुआ है, जिससे बंदरगाह और आसपास का बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ है।
पहले भी नष्ट किए गए थे हूती पोत
इससे पहले भी नेशनल रेजिस्टेंस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए लाल सागर में हूती विद्रोहियों के खिलाफ अभियान चलाया था। पिछले दिनों 13 अगस्त 2026 को सुरक्षा बलों ने दो हूती जहाजों को उनके सवारों सहित पूरी तरह से तबाह करने की जानकारी दी थी। इन तमाम सैन्य कार्रवाईयों के बावजूद हूती विद्रोहियों की तरफ से इन ताजा घटनाओं पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यमन के इन तटीय इलाकों में लगातार जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार और स्थानीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं, लेकिन सैन्य बल हर खतरे का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं।