सऊदी अरब से 18 और भारतीय श्रमिक लौटे वतन, अभा से फंसे हुए कुल 94 लोगों की हुई घर वापसी.

Praggya Singh sabal29 August 20263 min read26 viewsExpat Issues
सऊदी अरब से 18 और भारतीय श्रमिक लौटे वतन, अभा से फंसे हुए कुल 94 लोगों की हुई घर वापसी.

सऊदी अरब के Abha शहर में लंबे समय से फंसे हुए भारतीय कामगारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सऊदी अरब से 18 और भारतीय श्रमिक सुरक्षित अपने देश लौट आए हैं। यह पूरी प्रक्रिया भारत के उन 113 नागरिकों की सुरक्षित वतन वापसी के अभियान का हिस्सा है, जिन्हें वहां पर काफी मुश्किल हालात का सामना करना पड़ रहा था। इस ताजा जत्थे के आने के बाद अब तक कुल 94 श्रमिक भारत वापस आ चुके हैं, जबकि बाकी बचे हुए 19 लोगों की वापसी की प्रक्रिया अभी भी लगातार जारी है और उम्मीद है कि वे भी जल्द ही अपने घर लौट आएंगे।

कठिन परिस्थितियों में गुज़ारे तीन महीने

विदेश गए इन कामगारों को वहां पर बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ा था। जानकारी के अनुसार, ये सभी श्रमिक राजस्थान समेत भारत के अलग-अलग राज्यों से ताल्लुक रखते हैं। सऊदी अरब में काम करने के दौरान इन्हें बेहद कठिन हालातों से गुजरना पड़ा। कामगारों ने खुद यह बात बताई कि उन्होंने वहां पर तीन महीने तक बहुत मुश्किल समय बिताया। दिन-रात कड़ी मेहनत करने के बावजूद उन्हें खाने के लिए बहुत ही सीमित राशन मिल रहा था, जिससे उनका गुजारा बहुत मुश्किल से हो रहा था। ऐसी स्थिति में वहां फंसे होना किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं था और उनके परिवार वाले भी भारत में काफी ज्यादा परेशान थे।

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ऐसे संभव हुई कामगारों की घर वापसी

इन सभी भारतीय कामगारों की सुरक्षित वतन वापसी का बीड़ा भोपाल के रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सैयद आबिद हुसैन ने उठाया था। उन्होंने इस मामले में सक्रिय रूप से काम करते हुए Ministry of External Affairs और जेद्दा स्थित भारतीय कंसुलेट से लगातार संपर्क साधा और पूरा समन्वय स्थापित किया। इस पूरी मुहिम की शुरुआत तब हुई थी जब सबसे पहले इरफान नाम के एक श्रमिक ने सैयद आबिद हुसैन से संपर्क किया था। इसके बाद हुसैन साहब ने सभी जरूरी कागजात और दस्तावेज जुटाए और इन बेबस मजदूरों की सुरक्षित वापसी के लिए आवाज उठाई और अधिकारियों के सामने उनका पक्ष रखा।

पहले भी कई जत्थे लौट चुके हैं दिल्ली

इस ताजा जत्थे के आने से पहले भी कई अन्य श्रमिक छोटे-छोटे समूहों में दिल्ली वापस लौट चुके हैं। इससे पहले उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से त्रिभुवन सिंह चौहान और कृष्ण कुमार चौहान, बिहार के सीवान से नरेन्द्र कुमार चौधरी, और उत्तर प्रदेश के देवरिया से आफताब आलम सुरक्षित भारत आ चुके हैं। इसके अलावा पिछले साल 13 अगस्त 2026 को चार और कामगार भारत लौटे थे, जिनमें बलिया के राजकिशोर सिंह, लल्लन सिंह, संजय कुमार और सीवान के राजकिशोर यादव शामिल थे। इन सभी की वापसी से उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई थी।

दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे 18 नए कामगारों के नाम

हाल ही में जो 18 श्रमिक दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे हैं, उनमें फारूक शेख, मोहम्मद उमर सिलावट जाकिर, अब्दुल रशीद अहमद खान, अब्दुल अजीज अब्दुल सत्तार, कैलाश सोकरनराम मनोहरी देवी, राजू कुमार लाल बाबू राय, रिथिन कुमार अयिलु, गणेश कन्नन पांडी, विमल शिवलिंगम, रमाकांत कुमार, दिलीप कुमार, बीजू सुदासन, श्याम कुमार एंटनी, जीवा पेरियाकारुप्पन, मोहम्मद इदरीस, एमडी मुजाम्मिल, काश मोहम्मद अंसारी और एसके नबी अब्दुल हामिद शामिल हैं। इन सभी लोगों के परिजनों ने राहत की सांस ली है। सामाजिक कार्यकर्ता सैयद आबिद हुसैन ने जानकारी दी है कि जो बाकी बचे हुए 19 श्रमिक अभी भी वहां पर हैं, उनकी भी सुरक्षित वापसी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि वे भी जल्द अपने परिवार के पास पहुंच सकें।

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