समुद्री लुटेरों के चंगुल में 22 भारतीय नाविक, सोमालिया के पास अगवा जहाजों को लेकर सामने आई बड़ी जानकारी

अदन की खाड़ी और सोमालिया के पास समुद्री लुटेरों द्वारा बंधक बनाए गए 22 भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बनी हुई है। इस पूरे मामले में एक बड़ा कानूनी और प्रशासनिक पेंच भी सामने आया है, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। अगवा किए गए इन नाविकों में 16 क्रू मेंबर ऑयल-प्रोडक्ट्स टैंकर MT Sibu 1 पर सवार हैं, जबकि 6 नाविक कार्गो पोत MV Lutuf पर तैनात हैं। विदेशों में काम करने वाले इन भारतीय नाविकों और उनके परिवारों के लिए यह समय बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है, क्योंकि अभी तक उनकी रिहाई को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
जहाज के रजिस्ट्रेशन को लेकर खड़ा हुआ विवाद
टैंकर MT Sibu 1 के साथ एक बड़ी समस्या तब सामने आई जब इरिट्रिया सरकार ने इस बात से साफ इनकार कर दिया कि यह जहाज उनके देश में रजिस्टर्ड है, भले ही इस पर इरिट्रिया का झंडा लगा हुआ था। इरिट्रिया के सूचना मंत्री यमाने गेब्रेमेस्केल ने स्पष्ट किया कि इस जहाज का उनके देश से कोई आधिकारिक लेना-देना नहीं है। इसके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के डेटाबेस में इस जहाज की फ्लैग स्टेटस को “Eritrea False” यानी फर्जी रजिस्ट्रेशन के रूप में दर्ज किया गया है। सोमवार को प्राप्त शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, यह जहाज पूर्वोत्तर सोमालिया के तट से लगभग 6 किलोमीटर दूर स्थित था।
कैसे हुआ था जहाजों का अपहरण
टैंकर MT Sibu 1 का अपहरण 20 अगस्त 2026 को यमन के तट के पास अदन की खाड़ी में हुआ था। दो छोटी नावों में सवार 6 सशस्त्र लोगों ने इस टैंकर पर कब्जा कर लिया था और इसे जबरन सोमालिया की तरफ ले गए थे। इस जहाज पर कुल 20 लोग सवार थे, जिनमें 16 भारतीय शामिल थे। यूरोपीय संघ की एंटी-पाइरेसी फोर्स, ऑपरेशन अटलांटा, इस पूरी घटना पर लगातार नजर रखे हुए है। वहीं, दूसरा जहाज MV Lutuf कैमरून के झंडे वाला कार्गो पोत था, जिसे पुंटलैंड तट के पास 17 अगस्त को पकड़ा गया था। इस पोत पर 10 क्रू मेंबर थे, जिनमें 6 भारतीय शामिल थे। इन नाविकों ने सुरक्षित सिटाडेल में छिपकर खुद को बचाने की कोशिश की थी, लेकिन 8 सशस्त्र लुटेरों ने उन्हें काबू में कर लिया।
भारत सरकार और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास
घटना के तुरंत बाद 21 अगस्त को भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) और नैरोबी स्थित भारतीय उच्च आयोग ने जानकारी दी थी कि उपलब्ध सूचना के अनुसार सभी 22 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। भारतीय अधिकारी इन नाविकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सोमालिया के स्थानीय समकक्षों के साथ लगातार संपर्क में हैं। हालांकि, 28 अगस्त तक किसी भी नाविक की रिहाई की कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। IMO के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2026 में अब तक कम से कम 15 समुद्री डकैती की घटनाएं रिपोर्ट हो चुकी हैं, जिनमें 6 कमर्शियल जहाज छीने गए हैं और 90 से अधिक नाविकों को बंधक बनाया गया है। IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज़ ने सभी बंधक कर्मियों की तुरंत और बिना किसी शर्त के रिहाई की मांग की है।