Dubai: केरल में छुट्टियों के दौरान 7 साल की भारतीय बच्ची की मौत, दुर्लभ बीमारी से थी पीड़ित.

दुबई में रहने वाले एक भारतीय परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जब उनकी 7 साल की बेटी अमेया अजित का केरल में निधन हो गया। अमेया की मौत एक बेहद दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारी के कारण हुई, जिससे प्रवासी समुदाय में भी शोक की लहर दौड़ गई है। वह अपनी गर्मियों की छुट्टियों के लिए माता-पिता के साथ अपने गृह राज्य केरल गई हुई थी, जहां उसे अचानक स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं शुरू हुईं और उसने हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
अमेया अजित कौन थी और क्या था मामला
मृतक बच्ची अमेया अजित दुबई के The Indian High School के अल गरहौद जूनियर कैंपस में कक्षा 1 में पढ़ने वाली एक छात्रा थी। वह अपने माता-पिता अजित केपी और मीरा अजित की इकलौती संतान थी। उसके पिता दुबई में सेल्स के पेशे से जुड़े हुए हैं, जबकि उसकी मां ने अमेया की पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में सहायता के लिए लगभग एक साल पहले डिजिटल मार्केटिंग की अपनी नौकरी से ब्रेक ले लिया था। जुलाई के अंत तक अमेया पूरी तरह से स्वस्थ और सक्रिय थी, लेकिन छुट्टियों के दौरान अचानक उसे दौरे पड़ने लगे।
दुर्लभ बीमारी FIRES बनी जानलेवा
अचानक तबियत बिगड़ने के बाद परिवार ने उसे तुरंत केरल के एक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसे 1 अगस्त को आईसीयू में एडमिट किया गया। वह करीब 45 दिनों तक गहन चिकित्सा कक्ष में वेंटिलेटर सपोर्ट पर जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ती रही। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बाद भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और अंततः दिल का दौरा पड़ने यानी कार्डियक अरेस्ट से 14 सितंबर 2026 की रात को उसका निधन हो गया। इसके बाद उसका अंतिम संस्कार केरल में उसके पैतृक क्षेत्र में संपन्न हुआ।
डॉक्टरों और मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेया जिस बीमारी से पीड़ित थी उसे FIRES (Febrile Infection-Related Epilepsy Syndrome) कहा जाता है। यह एक बहुत ही दुर्लभ और गंभीर न्यूरोलॉजिकल सिंड्रोम है, जो बुखार से जुड़ी बीमारी के बाद अचानक शुरू होता है और इसमें मरीजों को ऐसे दौरे आते हैं जिन्हें नियंत्रित करना बेहद मुश्किल होता है। अमेरिकी राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान इसे NORSE (New-Onset Refractory Status Epilepticus) का एक प्रकार मानता है, और इस तरह की बीमारी होने की संभावना लगभग दस लाख लोगों में से किसी एक को होती है।
स्कूल और डांस एकेडमी ने दी श्रद्धांजलि
दुबई के स्कूल और वहां के समुदाय के लोगों ने अमेया को एक बहुत ही होनहार, मिलनसार और ऊर्जावान बच्ची के रूप में याद किया है। स्कूल के सीईओ पुनीत एमके वासु ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा स्कूल परिवार छुट्टियों के बाद अमेया के वापस लौटने का इंतजार कर रहा था। पढ़ाई के अलावा अमेया को डांस का बहुत शौक था और वह शम्ना कासिम डांस स्टूडियो में भरतनाट्यम की ट्रेनिंग ले रही थी। उसने स्कूल के वार्षिक कार्यक्रमों में भी परफॉर्म किया था और पारंपरिक 'चिलंका पूजा' भी पूरी की थी। मशहूर मलयालम अभिनेत्री और नर्तकी शम्ना कासिम ने भी अमेया को श्रद्धांजलि अर्पित की, क्योंकि छोटी सी उम्र में ही अमेया ने आगे चलकर एक अभिनेत्री बनने का सपना देखा था।