भारत और यूएई के बीच ऐतिहासिक बैठक, व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य.

नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में 12 सितंबर 2026 को एक अहम बैठक हुई, जिसमें अबू धाबी के क्राउन प्रिंस H.H. Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan और भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने दोनों देशों के बीच आपसी रिश्तों को और मजबूत करने पर लंबी चर्चा की। यह महत्वपूर्ण मुलाकात 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई, जहां क्राउन प्रिंस ने यूएई के राष्ट्रपति Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan की तरफ से यूएई के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और यूएई की पुरानी दोस्ती और आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कई जरूरी मुद्दों पर खुलकर बात की।
व्यापार और आर्थिक साझेदारी को मिला नया बढ़ावा
दोनों नेताओं की इस बातचीत में मुख्य जोर भारत और यूएई की व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर रहा, जिसमें आर्थिक एकीकरण और कई नए क्षेत्रों में साथ मिलकर काम करने की संभावनाओं पर बात की गई। इसमें रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, तकनीक, इनोवेशन, महत्वपूर्ण खनिज और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते यानी CEPA और क्षेत्रीय स्थिरता की स्थिति की भी समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की मौजूदा अध्यक्षता में ब्रिक्स मंच पर यूएई की भूमिका की सराहना की और कहा कि पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए यह साझेदारी बेहद जरूरी है। इस पूरी जानकारी के बारे में विस्तार से विदेश मंत्रालय की आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया है।
व्यापार का आंकड़ा 100 अरब डॉलर के पार
भारत और यूएई के बीच आर्थिक सहयोग हमेशा से सबसे अहम हिस्सा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-2026 के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर US$101.25 billion पर पहुंच गया। यह लगातार दूसरा साल है जब व्यापार का यह आंकड़ा $100 billion के निशान से आगे निकल गया है। दोनों सरकारों ने अब साल 2032 तक इस आपसी व्यापार को बढ़ाकर $200 billion तक पहुंचाने का एक बड़ा लक्ष्य तय किया है। इस मजबूत आर्थिक रिश्ते से जुड़ी अन्य जानकारियां WAM न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट में भी साझा की गई हैं।
बड़े निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर चर्चा
बैठक के दौरान यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी यानी IHC द्वारा ओडिशा में एक नए ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम प्रोजेक्ट के लिए $11.5 billion के निवेश की प्रतिबद्धता पर भी बात हुई, जो भारत में अपनी तरह का सबसे बड़ा निवेश बनने जा रहा है। इसके अलावा नेताओं ने यूएई के नए सॉवरेन इन्वेस्टमेंट फंड L'Imad के योगदान और भारत मार्ट, वर्चुअल कॉरिडोर तथा भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे जैसे रणनीतिक कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स की भी सराहना की। इन सभी प्रोजेक्ट्स की विस्तृत जानकारी यूएई दूतावास के मीडिया सेंटर पर उपलब्ध कराई गई है। अंत में दोनों नेताओं ने इसी साल जनवरी में यूएई के राष्ट्रपति के भारत दौरे और मई में प्रधानमंत्री मोदी के यूएई दौरे से बने सकारात्मक माहौल को याद किया।