अदाणी पोर्ट्स ने कोलंबो टर्मिनल की क्षमता दोगुनी की, 750 मिलियन डॉलर का निवेश

Adani Ports has doubled its Colombo West International Terminal capacity to 3.2 million TEUs following a USD 750 million expansion project.

Lov Singh1 October 20262 min read10 viewsEnglish
अदाणी पोर्ट्स ने कोलंबो टर्मिनल की क्षमता दोगुनी की, 750 मिलियन डॉलर का निवेश

अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) ने कोलंबो वेस्ट इंटरनेशनल टर्मिनल (CWIT) के माध्यम से एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने 750 मिलियन अमेरिकी डॉलर के फेज II विस्तार के साथ टर्मिनल की हैंडलिंग क्षमता को 1.6 मिलियन TEUs से बढ़ाकर 3.2 मिलियन TEUs कर दिया है। इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य कोलंबो को एक प्रमुख ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में और अधिक मजबूत बनाना है।

कोलंबो के समुद्री व्यापार में आएगा बड़ा बदलाव

इस विस्तार का औपचारिक उद्घाटन श्रीलंकाई प्रधानमंत्री हरिणी अमारासुरीया द्वारा किया गया। इस नई क्षमता के साथ, CWIT अब कोलंबो पोर्ट की 2028 तक की 13 मिलियन TEU की लक्षित क्षमता का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा संभालने में सक्षम होगा।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

इस विस्तार की कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • विशाल जहाजों की हैंडलिंग: अब यह टर्मिनल एक साथ तीन अल्ट्रा-लार्ज कंटेनर जहाजों को बर्थ देने में सक्षम होगा।
  • व्यापार मार्ग को मजबूती: यह विस्तार ईस्ट-वेस्ट ट्रेड रूट पर चलने वाले जहाजों को संभालने की क्षमता को बढ़ाएगा।
  • तेजी से विकास: CWIT ने अपने पहले 18 महीनों के संचालन के भीतर ही 2 मिलियन TEUs का आंकड़ा छू लिया है।

आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर

प्रधानमंत्री अमारासुरीया ने इस निवेश की सराहना करते हुए कहा कि CWIT जैसे प्रोजेक्ट्स न केवल अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य को आकर्षित करते हैं, बल्कि श्रीलंका की प्रतिस्पर्धात्मकता को भी बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि यह निवेश देश को हिंद महासागर में एक प्रमुख लॉजिस्टिक हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस टर्मिनल ने अब तक 3,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा किए हैं।

APSEZ के सीईओ अश्विनी गुप्ता ने इस सफलता को वैश्विक शिपिंग लाइनों के भरोसे का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि फेज II का पूरा होना APSEZ के अंतरराष्ट्रीय पोर्ट पोर्टफोलियो के लिए एक मील का पत्थर है।

तकनीक और सुरक्षा का संगम

CWIT श्रीलंका का पहला पूरी तरह से स्वचालित डीप-वॉटर कंटेनर टर्मिनल है। यह पूरी तरह से विद्युतीकृत संचालन के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो इसे आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाता है। टर्मिनल ने अब तक 17 मिलियन सुरक्षित कार्य घंटों का रिकॉर्ड बनाया है।

यह टर्मिनल APSEZ, जॉन कील्स होल्डिंग्स और श्रीलंकाई पोर्ट्स अथॉरिटी के बीच 35 साल के बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) समझौते के तहत विकसित किया गया है।

Share:

Comments

Leave a comment