अफगानिस्तान का बड़ा कदम, तुर्कमेनिस्तान से पाकिस्तान तक बिछेगी 1500 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन.

Aanya29 August 20263 min read20 viewsWorld
अफगानिस्तान का बड़ा कदम, तुर्कमेनिस्तान से पाकिस्तान तक बिछेगी 1500 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन.

अफगानिस्तान में रेल संपर्क को मजबूत करने और देश को एक बड़े क्षेत्रीय पारगमन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा काम शुरू हो गया है। अफगान सरकार ने देश के भीतर 1,537 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन बिछाने की पूरी तैयारी कर ली है, जिससे व्यापार और परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। काबुल से मिली जानकारी के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत तुर्कमेनिस्तान से लेकर पाकिस्तान के बलूचिस्तान तक और देश के दक्षिणी हिस्से में कंधार से लेकर राजधानी काबुल तक मजबूत रेल कनेक्टिविटी तैयार की जाएगी।

पांच प्रमुख मार्गों पर चल रहा है सर्वे

अफगानिस्तान की समाचार एजेंसी तोलू न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, अफगान सरकार के सार्वजनिक निर्माण मंत्रालय ने देश के रेलवे नेटवर्क का दायरा बढ़ाने के लिए पांच प्रमुख रूटों पर काम तेज कर दिया है। मंत्रालय इस समय तोरघुंडी–हेरात, हेरात–कंधार, कंधार–स्पिन बोल्दाक, काबुल–कंधार और अंदखोय–शेबेरघान मार्गों पर रेलवे लाइनों के लिए सर्वेक्षण और डिजाइन का काम तेजी से करवा रहा है। इन सभी परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य अफगानिस्तान को क्षेत्रीय बाजारों से सीधे जोड़ना और माल ढुलाई को आसान बनाना है ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की स्थिति मजबूत हो सके। हालांकि, इस शुरुआती सर्वे और डिजाइन के काम में किस देश की तकनीकी मदद ली जा रही है, इस बारे में आधिकारिक तौर पर मीडिया रिपोर्ट में कोई जानकारी साझा नहीं की गई है।

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फंड जुटाने के लिए निवेशकों से बातचीत जारी

सार्वजनिक निर्माण मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद अशरफ हक्शेनास ने इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इन बड़ी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए केवल घरेलू बजट पर निर्भर नहीं रहा जा रहा है। रेलवे लाइनों के निर्माण के लिए भारी भरकम धन जुटाने के वास्ते वाणिज्यिक बैंकों, कई देशों की सरकारों और इच्छुक निवेशकों के साथ लगातार बातचीत चल रही है। सरकार चाहती है कि वित्तीय संकट के बावजूद इन सभी रूटों पर काम जल्द से जल्द आगे बढ़े ताकि आम जनता और व्यापारियों को इसका सीधा लाभ मिल सके।

व्यापार और लॉजिस्टिक्स खर्च में आएगी भारी कमी

आर्थिक जानकारों का मानना है कि इस नई रेलवे लाइन के बन जाने से देश में सामान लाने और ले जाने का खर्च काफी हद तक कम हो जाएगा। एक आर्थिक विश्लेषक हसीबुल्लाह मोहिबजादा ने कहा कि पारगमन मार्गों और विशेष रूप से रेलवे का विकास होने से आर्थिक बाजारों का दायरा तेजी से फैलेगा। यदि अफगानिस्तान और उसके पड़ोसी देशों के बीच इन मार्गों की स्थापना मजबूत होती है, तो यह देश की आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने, निर्यात को बढ़ावा देने और सीधे क्षेत्रीय बाजारों तक पहुंच आसान बनाने में एक बड़ी भूमिका निभाएगा। एक अन्य आर्थिक विश्लेषक जनत फहीम चकारी ने भी इस बात का समर्थन करते हुए कहा कि रेल के जरिए माल ढुलाई का विस्तार सबसे कम खर्चीला माध्यम है। देश के भीतर रेल नेटवर्क विकसित होने से परिवहन लागत गिरेगी जिसका सीधा असर बाजार में मिलने वाली रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर पड़ेगा और चीजें सस्ती हो सकेंगी।

वर्तमान में कैसी है अफगानिस्तान की रेल स्थिति

गौरतलब है कि मौजूदा समय में अफगानिस्तान के भीतर केवल 400 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन ही चालू हालत में है। अभी देश मुख्य रूप से हेरातान, अकीना, तोरघुंडी और खाफ–हेरात जैसे चुनिंदा मार्गों के जरिए उज्बेकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और ईरान से जुड़ा हुआ है। इन मौजूदा लाइनों का इस्तेमाल पड़ोसी देशों से आने वाले और वहां जाने वाले माल के परिवहन के लिए किया जाता है। हालांकि, इन नए 1,537 किलोमीटर लंबे रेल प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से अफगानिस्तान के परिवहन ढांचे का नक्शा पूरी तरह बदल जाएगा, लेकिन इन तमाम लक्ष्यों की सफलता पूरी तरह से समय पर फंडिंग मिलने, परियोजनाओं के सही समय पर पूरा होने और क्षेत्रीय देशों के आपसी सहयोग पर निर्भर करेगी।

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