Air India Flight AI2379: एयर इंडिया की फ्लाइट में बड़ा हादसा टला, पायलट के नशे और हाइड्रोलिक फेलियर पर आई रिपोर्ट.

Sushma Kumari4 September 20263 min read37 viewsIndia
Air India Flight AI2379: एयर इंडिया की फ्लाइट में बड़ा हादसा टला, पायलट के नशे और हाइड्रोलिक फेलियर पर आई रिपोर्ट.

एशियाई आसमान में उड़ने वाली उड़ानों की सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो यानी AAIB ने शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को अपनी शुरुआती रिपोर्ट जारी की है, जो पिछले महीने 4 अगस्त को हुई एयर इंडिया की एक फ्लाइट से जुड़ी है। एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI2379 जब हवा में थी, तब उसमें एक साथ कई बड़ी तकनीकी और मानवीय गड़बड़ियां देखने को मिलीं। इस विमान में कुल 145 लोग सवार थे, जिनमें 137 यात्री, 6 केबिन क्रू और 2 पायलट शामिल थे। विमान ने जब उड़ान भरी तो किसी को अंदाजा नहीं था कि आगे आसमान में क्या स्थिति बनने वाली है।

पायलट की रिपोर्ट और तकनीकी खराबी

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के पायलट-इन-कमांड ने खून की जांच के दौरान एक साइकोएक्टिव पदार्थ के लिए "नॉन-नेगेटिव" यानी पॉजिटिव परिणाम दिया। हालांकि राहत की बात यह रही कि सह-पायलट यानी को-पायलट की शुरुआती और पक्की दोनों जांच रिपोर्ट नेगेटिव आईं। उड़ान के बाद दोनों पायलटों ने सांस की जांच यानी ब्रेथलाइज़र टेस्ट पास कर लिया था, लेकिन मुख्य पायलट की रिपोर्ट ने अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। इसे एक गंभीर चिंता का विषय बताते हुए AAIB ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA से कहा है कि इस तरह के मामलों में सख्त कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। आप इस बारे में अधिक जानकारी Newsonair की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

36 हजार फीट की ऊंचाई पर क्या हुआ था

तकनीकी तौर पर जब यह विमान 36,000 फीट की ऊंचाई पर क्रूज कर रहा था, तब इसके तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम यानी ग्रीन, ब्लू और येलो में अचानक एक साथ दबाव खत्म हो गया। इस बड़ी तकनीकी खराबी की वजह से विमान का ऑटोपायलट अपने आप बंद हो गया, लगातार चेतावनी की घंटी बजने लगी और दो सेकंड के लिए विमान स्टॉल वार्निंग में चला गया। इस दौरान विमान का संतुलन बिगड़ गया और यह तय ऊंचाई से 372 फीट ऊपर उठ गया और फिर अचानक 292 फीट नीचे गिर गया। गनीमत यह रही कि कुछ ही सेकंड में हाइड्रोलिक सिस्टम ठीक होने लगे और विमान पर सामान्य नियंत्रण वापस पा लिया गया। सबसे पहले ब्लू सिस्टम ठीक हुआ, उसके बाद येलो और फिर ग्रीन सिस्टम ने काम करना शुरू किया। जांच एजेंसी ने अभी तक पायलट की जांच रिपोर्ट और हाइड्रोलिक सिस्टम फेल होने के बीच कोई सीधा संबंध नहीं पाया है।

यात्रियों को आई चोटें और एयरलाइन का कदम

इस भयानक घटना के दौरान विमान में मौजूद 24 लोगों को चोटें आईं, जिनमें से 4 लोगों को गंभीर रूप से चोटिल होना पड़ा। विमान के अंदर का हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। छत की प्लेटें या तो उखड़ गईं या उनमें दरारें आ गई थीं, हाथ के पकड़ने वाले हैंडल टूट गए थे और ऊपर का सामान रखने वाला ओवरहेड बिन तथा आपातकालीन निकास द्वार भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। एयर इंडिया ने कहा है कि वह AAIB की जांच में पूरा सहयोग कर रही है और सभी जरूरी रिकॉर्ड जांच अधिकारियों को सौंप दिए गए हैं। एयरलाइन ने अपनी सुरक्षा नीति के तहत अपने सभी पायलटों के लिए स्वेच्छा से जांच शुरू कर दी है और साफ किया है कि सुरक्षा, फिटनेस और नियमों के पालन के मामले में उनकी नीति बिल्कुल शून्य सहनशीलता की है। इस मामले की जांच अभी भी जारी है और इसकी अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है।

Share:

Comments

Leave a comment