Al Jazeera ने जारी किया नया डॉक्यूमेंट्री, इराक की मास कब्रों और परिवारों के दर्द को किया बयां.

अल जज़ीरा के कार्यक्रम 'Al Jazeera Witness' ने हाल ही में एक नया डॉक्यूमेंट्री रिलीज़ किया है जिसका नाम 'If the Dead Come Home: Iraq's Mass Graves' है। इस फिल्म में मुख्य रूप से उन फोरेंसिक कोशिशों को दिखाया गया है जिनके ज़रिए पीड़ितों की पहचान की जा रही है और उनके परिवारों को थोड़ा सुकून देने की कोशिश हो रही है। यह डॉक्यूमेंट्री परिवारों के उस लंबे और दर्दनाक सफर को सामने लाती है, जहां वे अपनों की तलाश में कभी खुशी तो कभी गम के बीच झूलते रहते हैं। इस फिल्म के आने से एक बार फिर इराक के पुराने और दर्दनाक जख्म हरे हो गए हैं।
आधिकारिक आंकड़े और सरकारी रिपोर्ट
इराक के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 21 जुलाई 2026 तक देश के अलग-अलग हिस्सों में मिली मास कब्रों से कुल 7,709 इंसानी अवशेष बरामद किए जा चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र यानी United Nations के अनुमान के मुताबिक, इन कब्रों में कुल दफनाए गए लोगों की संख्या 250,000 से लेकर 10 लाख तक हो सकती है। अगर बात करें ISIS के समय की जगहों की, तो शहादा फाउंडेशन यानी Martyrs Foundation की रिपोर्ट बताती है कि कुल 125 चिन्हित कब्रों में से 54 को खोदा जा चुका है। इन खुदाइयों से 3,258 लोगों के अवशेष बाहर निकाले गए हैं, जबकि अभी भी 71 जगहें ऐसी हैं जहां खुदाई होना बाकी है।
निनेवेह प्रांत और शिनजार का हाल
निनेवेह प्रांत में 9 अगस्त 2026 तक कुल 55 चिन्हित जगहों में से 30 जगहों को खोला जा चुका है, जिससे 1,931 लोगों के अवशेष मिले। स्थानीय सांसद રહીमा अल-जुबोउरी यानी Rahima Al-Jubouri ने निनेवेह में ही डीएनए टेस्टिंग की मशीनें लगाने की मंजूरी ले ली थी ताकि पहचान का काम जल्दी हो सके, लेकिन यह योजना अभी तक ज़मीन पर नहीं उतर पाई है। फिलहाल बगداد स्थित मेडिको-कानूनी निदेशालय यानी Medico-Legal Directorate ही इकलौती ऐसी लैब है जिसे मास कब्रों के अवशेषों की डीएनए जांच करने की आधिकारिक अनुमति मिली हुई है। वहीं यज़ीदी बहुल इलाके शिनजार में 95 मास कब्रों की पहचान हुई थी। 21 जुलाई 2026 तक इनमें से 68 कब्रों की खुदाई की गई और करीब 850 शव निकाले गए, लेकिन इनमें से सिर्फ 96 लोगों की ही पहचान हो पाई है। इसके अलावा जुलाई 2025 तक 2,560 से ज़्यादा यज़ीदी लोग लापता बताए गए थे।
राष्ट्रीय दिवस और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का काम
ये तमाम राहत और खोज के काम 16 मई 2026 को मनाए गए मास कब्रों के राष्ट्रीय दिवस के बाद और तेज़ हुए हैं, जिस दिन इराक की प्रेसिडेंसी ने पीड़ितों की पहचान करने और उनके परिवारों को मुआवजा देने की अपनी बात दोहराई थी। मास कब्रों की सुरक्षा और लापता लोगों का निदेशालय नवंबर 2024 के कानून के तहत लगातार अपना काम कर रहा है। इसके साथ ही, इंटरनेशनल कमेटी ऑफ़ द रेड क्रॉस यानी ICRC के पास साल 2003 से अब तक 43,000 से ज़्यादा लापता इराकी नागरिकों का रिकॉर्ड मौजूद है। यह सब सितंबर 2024 में Da'esh/ISIL के अपराधों की जांच करने वाली संयुक्त राष्ट्र की टीम UNITAD के कार्यकाल के खत्म होने के बाद और आगे बढ़ा है, जिसने अपने समय में 68 जगहों पर खुदाई की थी और 900 से ज़्यादा अवशेष बरामद किए थे।