दक्षिणी लेबनान में इसराइली हमले से अल-मनार के पत्रकार घायल, नबातिया में 11 लोगों की हुई मौत.

लेबनान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं ने आम लोगों की मुश्किलें बहुत बढ़ा दी हैं। 7 सितंबर 2026 को दक्षिणी लेबनान के नबातिया इलाके में इसराइल की तरफ से एक बड़ा हमला किया गया, जिसमें मीडिया के लोग भी इसकी चपेट में आ गए। इस गोलाबारी में अल-मनार न्यूज चैनल के पत्रकार अली शबीब और उनके कैमरापर्सन मोहम्मद बरजावी घायल हो गए। हालांकि राहत की बात यह है कि घटना के तुरंत बाद सामने आई वीडियो फुटेज में वे सुरक्षित और अच्छी सेहत में दिखाई दिए, जिसकी पुष्टि बाद में अल जज़ीरा इंग्लिश ने भी की।
हिजबुल्लाह और इसराइल के बीच बढ़ती तनातनी
यह हमला उस समय हुआ जब उससे पहले हिजबुल्लाह ने अली ताहेर रिज के पास इस्राइल डिफेंस फोर्स यानी IDF के सैनिकों की तरफ दो विस्फोटक ड्रोन दागे थे। इसके जवाब में इसराइली सेना ने उन ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जो कथित तौर पर हथियारों की आवाजाही में शामिल थे। इसराइली सेना का कहना था कि उन्होंने केवल हिजबुल्लाह की सुविधाओं पर सटीक हथियारों से हमला किया और वे नागरिकों के घायल होने की खबरों की जांच कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान क्षेत्रीय तनाव अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया है और आम जनता के बीच डर का माहौल बना हुआ है.
नबातिया में बड़ा नुकसान और आम नागरिकों की जान
उसी दिन यानी 7 सितंबर को नबातिया के पास के इलाके कफार रुम्मान में भी इसराइली हवाई हमले हुए, जिसमें कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में दो छोटे बच्चे भी शामिल थे, इसके अलावा एक टारगेटेड वाहन पर हुए हमले में दो बचाव कर्मियों यानी रेस्क्यूर्स की भी जान चली गई। बढ़ते खतरों को देखते हुए इसराइल ने डेर ज़हरानी के लिए खाली करने के आदेश जारी कर दिए हैं और दक्षिणी लेबनान में दो अंडरग्राउंड रास्तों को नष्ट करने की योजना का भी ऐलान किया है। इन तमाम हमलों के बीच लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आधिकारिक तौर पर अपील की है कि वे तुरंत दखल दें और इसराइली सैन्य अभियानों को रोकें ताकि और अधिक बेकसूर लोगों की जान बचाई जा सके.
शांति समझौते की कोशिशें और कूटनीतिक बयानबाजी
यह सारी हिंसा उस पृष्ठभूमि में हो रही है जब इसी साल 26 जून 2026 को अमेरिका की मध्यस्थता में एक शांति ढांचा तैयार किया गया था और इसराइल तथा लेबनान के बीच आधिकारिक बातचीत इस महीने के अंत में रोम में फिर से शुरू होने की उम्मीद है। एक तरफ इसराइली विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि हिजबुल्लाह ड्रोन हमलों और बिना अनुमति के हथियार जुटाकर संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ, अल-मनार के जरिए हिजबुल्लाह के अधिकारियों ने इसराइल पर कूटनीतिक बयानों का फायदा उठाकर अपनी सैन्य कार्रवाई को सही ठहराने का आरोप लगाया है। कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की कोशिशें तो जारी हैं, लेकिन मैदानी इलाकों में लगातार गिर रहे बमों और हमलों के कारण आम जनता का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और हर कोई शांति की बहाली का इंतजार कर रहा है।