सऊदी अरब पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों की अल्जीरिया ने की कड़ी निंदा, 70 से अधिक लोग हुए घायल.

Aanya9 September 20262 min read45 viewsSaudi
सऊदी अरब पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों की अल्जीरिया ने की कड़ी निंदा, 70 से अधिक लोग हुए घायल.

अल्जीरिया के विदेश मंत्रालय ने 8 सितंबर 2026 को सऊदी अरब के विभिन्न शहरों पर ईरान समर्थित हूती मिलिशिया द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की है। अल्जीरिया सरकार ने इन हमलों को संप्रभुता का खुला उल्लंघन और किंगडम की सुरक्षा पर सीधा हमला करार दिया है। सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, अल्जीरिया ने सऊदी अरब के साथ अपनी पूरी एकजुटता दोहराई और रियाज़ द्वारा अपने क्षेत्र, राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता की रक्षा के लिए उठाए गए सभी कदमों का समर्थन करने की बात कही। इस हमले की पूरी जानकारी Saudi Press Agency पर दी गई है।

अल्जीरिया ने की हमलों को तुरंत रोकने की मांग

इन समन्वित हमलों में अभा, खमीस मुशैत, जाज़ान और नज़रान सहित कई शहर निशाना बने। हमलों की चपेट में तेल प्रतिष्ठान, ऊर्जा सुविधाएं और कई नागरिक तथा आर्थिक स्थल आए। हिंसा की इस घटना में 70 से अधिक लोग हताहत हुए, जिसमें अल्जीरियाई मंत्रालय ने महिलाओं और बच्चों सहित निर्दोष नागरिकों के घायल होने पर चिंता जताई। अल्जीरिया ने इन शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों को तुरंत रोकने और क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाने वाली गतिविधियों पर विराम लगाने की मांग की है। इस बारे में विस्तार से यहाँ पढ़ा जा सकता है।

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संघर्ष में आई तेजी और सऊदी अरब का रुख

यह हमले यमन में युद्धविराम के टूटने के बाद हुए हैं और चल रहे संघर्ष में एक बड़े तनाव को दर्शाते हैं। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने देश की रक्षा करने के अपने अधिकार पर जोर दिया और कहा कि राष्ट्र अपनी सीमाओं की रक्षा करने में संकोच नहीं करेगा। अल्जीरिया की यह निंदा किंगडम के प्रति उसके पुराने राजनयिक समर्थन का हिस्सा है, जिसमें 19 मई और 24 जुलाई 2026 को हुए हमलों पर दिए गए पिछले बयान भी शामिल हैं, जिनका जिक्र WAM की रिपोर्ट में मिलता है।

सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों और कामगारों के लिए इस तरह की सुरक्षा स्थितियां बेहद संवेदनशील होती हैं। जो भारतीय नागरिक या अन्य प्रवासी इन क्षेत्रों में काम करते हैं, उन्हें हमेशा स्थानीय प्रशासन और आधिकारिक सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है। अरब लीग और मिस्र ने भी इस बढ़ते तनाव के जवाब में ऐसी ही कड़ी प्रतिक्रियाएं दी हैं और शांति की बहाली के लिए क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास तेज करने की बात कही है।

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