अल्जीरिया का बड़ा फैसला, यूएई के साथ सभी कूटनीतिक रिश्ते किए खत्म, सामने आई यह बड़ी वजह.

अल्जीरिया की सरकार ने गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को यूनाइटेड अरब अमीरात यानी UAE के साथ अपने सभी कूटनीतिक रिश्ते आधिकारिक तौर पर तोड़ने का बड़ा ऐलान किया। इस बात की पुष्टि अल्जीरिया के सरकारी मीडिया और सरकारी टेलीविज़न के माध्यम से की गई, जिसमें Algeria Press Service (APS) का नाम भी शामिल है। इस फैसले के बाद से दोनों देशों के बीच चल रहा तनाव पूरी तरह से खुलकर सामने आ गया है, जिसे लेकर आम लोगों और जानकारों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है।
विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान और कारण
अल्जीरिया के विदेश मंत्रालय की तरफ से यह जानकारी दी गई कि उनके पास यह कदम उठाने के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था क्योंकि आपसी रिश्तों को बनाए रखने के तमाम रास्ते अब पूरी तरह से खत्म हो चुके थे। हालांकि, इस घोषणा के समय तक यूएई के विदेश मंत्रालय की तरफ से इस मामले में कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। अल्जीरियाई सरकार ने अभी तक इस अलगाव के सभी कारणों का पूरी तरह से खुलासा नहीं किया है, लेकिन यह साफ है कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से खटास चल रही थी।
इससे पहले इसी साल फरवरी के महीने में अल्जीरिया ने साल 2013 में यूएई के साथ हुए एयर सर्विसेज समझौते को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। अल्जीरिया के राष्ट्रपति Abdelmadjid Tebboune ने पहले भी जनता के सामने यह बात कही थी कि उनका देश खाड़ी के ज्यादातर देशों के साथ अच्छे रिश्ते रखता है, लेकिन उन्हें किसी एक खास देश के साथ काम करने में लगातार परेशानियां आ रही थीं। राष्ट्रपति ने यह भी आरोप लगाया था कि कोई अनजान देश लगातार अल्जीरिया को कमजोर करने और उसके अंदरूनी मामलों में दखल देने की कोशिश कर रहा है।
क्षेत्रीय तनाव और अन्य आरोप
रिपोर्ट्स से यह बात सामने आती है कि अल्जीरियाई अधिकारियों को इस बात की काफी चिंता थी कि यूएई उत्तर अफ्रीका और साहेल क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ा रहा है। अल्जीरिया का यह भी आरोप रहा है कि यूएई उनके क्षेत्रीय हितों को घेरने और उन्हें अस्थिर करने की लगातार कोशिश कर रहा था। इसके अलावा, अल्जीरिया ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि यूएई उस संगठन को राजनीतिक और आर्थिक मदद दे रहा है जिसे अल्जीरिया में आतंकवादी संगठन माना जाता है, जिसका नाम Movement for the Autonomy of Kabylia (MAK) है। स्थानीय मीडिया और अखबारों में भी लगातार इस बात की आलोचना होती रही है कि यूएई की वजह से इलाके में आपसी मनमुटाव बढ़ रहा है।