ब्रिटेन के वेस्ट बैंक सेटलमेंट बैन पर अरब और मुस्लिम देशों का बड़ा समर्थन, अंतरराष्ट्रीय समुदाय से की अपील.

अरब और मुस्लिम देशों के एक बड़े गठबंधन ने ब्रिटेन के उस फैसले का स्वागत किया है जिसके तहत अवैध इजरायली बस्तियों से आने वाले सामानों पर प्रतिबंध लगाया गया है। 9 सितंबर 2026 को जारी किए गए एक साझा बयान में कई प्रमुख देशों ने इस कदम की सराहना की है। इस फैसले का समर्थन करने वाले देशों में सऊदी अरब, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्किए, कतर और मिस्र शामिल हैं। इन देशों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे भी ऐसे ही सख्त कदम उठाएं और बस्तियों के विस्तार में शामिल लोगों को जवाबदेह ठहराएं।
इस पूरे मामले की शुरुआत 8 सितंबर 2026 को हुई थी जब ब्रिटेन के विदेश सचिव Ed Miliband ने हाउस ऑफ कॉमन्स में यह घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार अब फिलिस्तीनी क्षेत्र पर इजरायली कब्जे को गैरकानूनी मानती है, जिसका आधार 2024 का अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का एक परामर्श है। Miliband ने क्षेत्र में 'सेटलर आतंकवादियों' पर 'एथनिक क्लींजिंग' का आरोप भी लगाया था। इसके बाद 9 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री Andy Burnham ने इस नीति का बचाव करते हुए जानकारी दी कि इस बैन के लिए कानूनी ढांचा अगले छह से नौ महीनों के भीतर लागू कर दिया जाएगा। इस प्रतिबंध के दायरे में मुख्य रूप से कृषि उत्पाद जैसे मेडजूल खजूर, एवोकैडो, आम, अंगूर, ताजी जड़ी-बूटियां और वाइन शामिल होंगे। इस संबंध में अधिक जानकारी आधिकारिक UK Government News पर देखी जा सकती है।
ब्रिटेन की तरफ से प्रतिबंध और प्रतिबंधों का दायरा
आयात बैन के अलावा, ब्रिटेन ने उन व्यक्तियों और कंपनियों पर भी नकेल कसने के लिए एक व्यापक प्रतिबंध शासन शुरू किया है जो सेटलमेंट के बुनियादी ढांचे, रियल एस्टेट और निर्माण कार्यों के लिए फंडिंग या सहायता प्रदान करते हैं। इस नई नीति के तहत ब्रिटेन में सेटलमेंट प्रॉपर्टी के विज्ञापन पर भी रोक लगा दी गई है और हथियारों के कुछ खास लाइसेंसों पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं। विदेश सचिव के इस बयान के बारे में विस्तार से UK Government Speeches पर पढ़ा जा सकता है। फ्रांस और कनाडा ने भी इसी तरह के व्यापार प्रतिबंधों की घोषणा की है। इसके अलावा डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, आयरलैंड, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, स्पेन और स्वीडन ने भी एक साझा बयान जारी कर दो-राज्य समाधान की संभावनाओं को बचाने के लिए सेटलमेंट के सामानों के व्यापार को सीमित करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई है।
इजरायल की कड़ी प्रतिक्रिया और कूटबारी कदम
ब्रिटेन और अन्य देशों के इन फैसलों के बाद इजरायली सरकार की तरफ से भी कड़े कूटनीतिक कदम उठाए गए हैं। इजरायल ने पूर्वी यरुशलम में स्थित ब्रिटिश कंसुलट को बंद कर दिया है और 12 ब्रिटिश नागरिकों पर यात्रा प्रतिबंध लगा दिया है। इजरायल के विदेश मंत्री Gideon Saar ने ब्रिटिश विदेश सचिव के आरोपों को 'बेहद अपमानजनक झूठ' बताया, जबकि राष्ट्रपति Isaac Herzog ने इन प्रतिबंधों को 'एक बड़ी भूल' और 'हस्तक्षेप' करार दिया है। वहीं, अमेरिका के राजदूत ने भी इस बात की चेतावनी दी है कि वाशिंगटन इन विकासक्रमों के जवाब में जवाबी कार्रवाई पर विचार कर सकता है। इस पूरी घटना से जुड़ी शुरुआती जानकारी State Information Service Egypt के माध्यम से सामने आई थी जिसमें मिस्र और अन्य सात देशों के स्वागत का जिक्र किया गया है।