Banque Misr UAE: यूएई में Banque Misr की शाखाओं पर अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर मिस्र के केंद्रीय बैंक ने दी सफाई, जानिए क्या है पूरा मामला.

28 अगस्त 2026 को मिस्र के केंद्रीय बैंक यानी Central Bank of Egypt (CBE) ने अमेरिका के वित्त विभाग की उस कार्रवाई पर अपनी बात साफ की, जिसमें Banque Misr की यूएई की शाखाओं पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। मिस्र के केंद्रीय बैंक ने वहां के विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर यह स्पष्ट किया कि अमेरिका द्वारा लगाए गए ये प्रतिबंध सिर्फ ईरान से जुड़े लेन-देन पर लागू होते हैं। यह पाबंदी उन ट्रांजैक्शन पर है जो Banque Misr की यूएई शाखाओं द्वारा अमेरिकी डॉलर में कोरेस्पोंडेंट बैंकों के साथ किए जाते हैं।
अमेरिका के वित्त विभाग की वित्तीय अपराध प्रवर्तन एजेंसी यानी FinCEN ने एक नया नियम लाने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत अमेरिकी वित्तीय संस्थानों को इन खास शाखाओं के लिए कोरेस्पोंडेंट खाते बनाए रखने से रोकने की बात कही गई है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उस वित्तीय रास्ते को रोकना है जिसका इस्तेमाल अमेरिकी सरकार के अनुसार ईरान वैश्विक वित्तीय प्रणाली तक पहुंचने के लिए करता है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के मुताबिक जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच Banque Misr की यूएई यूनिट ने लगभग 1.8 अरब डॉलर का लेन-देन उन 103 कंपनियों के लिए किया था, जिनके तार ईरानी शैडो बैंकिंग नेटवर्क से जुड़े होने का शक जताया गया है।
अमेरिका का ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट
अमेरिका के ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने बताया कि यह कार्रवाई प्रशासन के 'Operation Economic Outcast' अभियान का हिस्सा है। इसका मकसद तेहरान को मिलने वाले आर्थिक समर्थन को पूरी तरह से काटना है। सचिव स्कॉट बेसेंट ने चेतावनी दी कि जो भी संस्थाएं ईरानी शासन की मदद करेंगी, वे अमेरिकी डॉलर का इस्तेमाल करने की अपनी पहुंच खो देंगी। Banque Misr वाले मामले के अलावा अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बैंक मेल्ली ईरान की दुबई शाखा के जनरल मैनेजर और हांगकांग की एक कंपनी पर भी ईरान के लिए मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने के आरोप में अलग से प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है।
मिस्र के केंद्रीय बैंक ने इस बात पर खास जोर दिया कि इन पाबंदियों का असर Banque Misr के मिस्र में चल रहे घरेलू कामकाज पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा। इसके अलावा पेरिस, फ्रैंकफर्ट, रियाद, बेरुत और जिबूती में स्थित उसकी अन्य अंतरराष्ट्रीय शाखाओं या मिस्र के बैंकिंग सेक्टर के किसी भी दूसरे वित्तीय संस्थान पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। केंद्रीय बैंक ने मिस्र की बैंकिंग प्रणाली की मजबूती को फिर से दोहराया और यह भी बताया कि अमेरिका का यह प्रस्तावित नियम लागू होने से पहले 30 दिनों की सार्वजनिक टिप्पणी अवधि से गुजरेगा।