Pakistan: बलोच लिबरेशन आर्मी ने जियारत क्रॉस हमले का वीडियो किया जारी, 18 जवानों की मौत का दावा.

पाकिस्तान के बलोचिस्तान प्रांत में सुरक्षा हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और हाल ही में एक बड़ी घटना का वीडियो सामने आया है। पाकिस्तान के बलोचिस्तान में स्वतंत्रता समर्थक सशस्त्र संगठन बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने तीन सितंबर को पशिन के जियारत क्रॉस में पाकिस्तान की सेना और एक निर्माण कंपनी पर किए गए हमलों का वीडियो अपने ऑफिशियल चैनल हुकल पर जारी किया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और बलोचिस्तान के हालात पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं। आम आदमी और सामान्य पाठकों के लिए इस पूरी घटना को विस्तार से समझना जरूरी है ताकि यह पता चल सके कि वास्तव में वहां क्या हुआ था।
वीडियो में क्या दिखाया गया है
द बलोचिस्तान पोस्ट की 10 सितंबर को प्रसारित रिपोर्ट के अनुसार, यह वीडियो करीब सात मिनट लंबा है। वीडियो के शुरुआती दृश्यों में बीएलए की महत्वपूर्ण शाखा जिसे फतह स्क्वायड कहा जाता है, उसके कमांडरों को पूरे सैन्य अनुशासन के साथ दिखाया गया है। इन सभी कमांडरों को अत्याधुनिक हथियारों और खास यूनिफॉर्म में देखा जा सकता है। वीडियो में इन कमांडरों को भारी हथियारों और रॉकेट लॉन्चरों की मदद से पाकिस्तान की सेना के काफिले को निशाना बनाते हुए साफ तौर पर देखा जा सकता है। इतना ही नहीं, वीडियो में सेना के कुछ जवानों के शव भी दिखाए गए हैं, जिससे हमले की भीषणता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
हमले की पूरी घटना और नुकसान
संगठन के अनुसार, 3 सितंबर को फतेह स्क्वायड ने जियारत क्रॉस पशिन में पाकिस्तान की सेना के काफिले पर हमला बोला था। इस दौरान किला सैफुल्लाह स्काउट्स और एफसी 134 विंग की कुल चार गाड़ियों को निशाना बनाया गया। इस सशस्त्र हमले में सेना का एक ट्रक समेत कुल दो गाड़ियां पूरी तरह से तबाह हो गईं। बीएलए का दावा है कि इस पूरे हमले में पाकिस्तान की सेना के 18 जवान मारे गए और उनके पास मौजूद सारे हथियार भी जब्त कर लिए गए। इस हमले के तुरंत बाद संगठन के लोगों ने जियारत क्रॉस के पास स्थित खानीबाबा इलाके में एक निर्माण कंपनी की साइट पर भी कब्जा कर लिया था।
निर्माण कंपनी और भारी मशीनों को नुकसान
सेना के काफिले पर हमले के बाद हमलावरों ने निर्माण स्थल पर भी भारी तोड़फोड़ की। बीएलए के मुताबिक, खानीबाबा में निर्माण कंपनी की साइट पर कब्जा करने के बाद वहां खड़ी गाड़ियों समेत कुल 14 भारी मशीनरी को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया। इन दोनों घटनाओं के सामने आने के बाद से इलाके में डर और अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। राहत की बात यह है कि इस मामले में पाकिस्तान की सेना की तरफ से भी इन दोनों घटनाओं की पुष्टि कर दी गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हमला वास्तव में हुआ था और इससे भारी नुकसान हुआ है। इस पूरी घटना की जानकारी हिन्दुस्तान समाचार एजेंसी के पत्रकार मुकुंद द्वारा दी गई रिपोर्ट पर आधारित है।