Brent Crude Price Hike: क्रूड ऑयल की कीमतें पहुंची चार महीने के उच्चतम स्तर पर, भारत पर बढ़ गया आर्थिक संकट.

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संघर्ष के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत बढ़कर चार महीने के सबसे ऊपरी स्तर 108.77 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, यह संघर्ष अब एक बहुत ही गंभीर दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां अमेरिका और ईरान के बीच सीधी तनातनी देखने को मिल रही है। इस स्थिति ने दुनिया भर के देशों की नींद उड़ा दी है क्योंकि ऊर्जा आपूर्ति के मुख्य रास्ते खतरे में पड़ गए हैं।
भारत की अर्थव्यवस्था पर भारी असर
भारत अपनी कुल जरूरत का 88 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, इसलिए इस बढ़ोतरी का सीधा असर देश की जेब पर पड़ रहा है। भारतीय क्रूड बास्केट की कीमत 9 सितंबर को लगभग 116 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, जबकि पूरे महीने का औसत 104.09 अमेरिकी डॉलर रहा। अप्रैल से जुलाई के चार महीनों के दौरान भारत का क्रूड ऑयल आयात बिल 56 प्रतिशत बढ़कर 63.37 अरब डॉलर हो गया है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमत में हर एक डॉलर की लगातार बढ़ोतरी होती है, तो देश के सालाना आयात बिल में लगभग 18,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ जाएगा।
सरकारी तेल कंपनियों की बढ़ रही मुश्किलें
देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियां जैसे कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) इस समय भारी वित्तीय दबाव से गुजर रही हैं। UNI की रिपोर्ट के अनुसार, इन कंपनियों को पेट्रोल पर 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 23 रुपये प्रति लीटर का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर भी लगभग 200 रुपये का घाटा सहन करना पड़ रहा है, जिससे आम आदमी को मिलने वाली राहत पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
ग्लोबल मार्केट और भविष्य का अनुमान
अंतरराष्ट्रीय बाजार के जानकारों ने इस उठापटक को देखते हुए अपने अनुमानों में बदलाव किया है। Goldman Sachs ने दिसंबर 2026 के लिए ब्रेंट क्रूड का अनुमान बढ़ाकर 85 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल कर दिया है और चेतावनी दी है कि अगर समुद्री हमलों में तेजी आई तो भाव 120 अमेरिकी डॉलर तक भी जा सकते हैं। इसके अलावा HSBC ने साल 2026 के लिए औसत कीमत का अनुमान 90 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तय किया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) का यह भी अनुमान है कि इस साल वैश्विक तेल आपूर्ति में प्रति दिन 4.3 मिलियन बैरल की गिरावट आ सकती है।
| Category | Details |
|---|---|
| Brent Crude Price | USD 108.77 per barrel |
| Indian Crude Basket | Nearly USD 116 per barrel |
| Import Bill (Apr-Jul) | USD 63.37 billion |
| Petrol Loss (OMCs) | ₹5 per litre |
| Diesel Loss (OMCs) | ₹23 per litre |
| LPG Under-recovery | ₹200 per cylinder |