Canada Prime Minister Carney: ट्रेड वॉर और ईरान के तनाव के बीच कनाडा के पीएम कार्नी ने ट्रंप से की बात.

कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney ने गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को यह बात साफ की कि उन्होंने पिछले कुछ दिनों में अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के साथ कई बार बातचीत की है। दोनों देशों के बीच इस समय व्यापार को लेकर भारी तनाव चल रहा है और कई तरह के टैक्स बढ़ाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद दोनों नेताओं ने माना कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के जरूरी मुद्दों पर आपस में बातचीत करना बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन फोन कॉल्स के होने की पुष्टि की है, हालांकि बातचीत की पूरी और अंदरूनी जानकारी बहुत सीमित ही बाहर आई है।
व्यापार और अंतरराष्ट्रीय मामलों को अलग रखना
प्रधानमंत्री कार्नी ने बताया कि उनकी यह बातचीत मुख्य तौर पर यूक्रेन में चल रहे युद्ध और ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के मामलों पर केंद्रित थी। उनका कहना था कि जब दुनिया में बड़े भू-राजनीतिक संकट चल रहे हों, तब दुनिया के बड़े देशों और सहयोगियों को व्यापार से जुड़े झगड़ों को अपनी इन बड़ी जिम्मेदारियों से अलग रखना चाहिए। कनाडा और अमेरिका के बीच आर्थिक रिश्ते तब से ज्यादा खराब हुए जब अगस्त के बीच में दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते की बातचीत पूरी तरह फेल हो गई थी। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कनाडा से आने वाले 28 अरब डॉलर यानी $28 billion के सामान पर 50 प्रतिशत तक का भारी भरकम टैक्स लगा दिया था।
कनाडा का पलटवार और ओंटारियो प्रीमियर का बयान
अमेरिका के इस कदम के जवाब में कनाडा सरकार ने भी इसी हफ्ते अमेरिकी सामानों पर जवाबी टैक्स लगा दिए थे। इसके बाद बुधवार, 9 सितंबर को अमेरिकी प्रशासन ने यह ऐलान किया कि वे आने वाले हफ्तों में कुछ खास कनाडाई सामानों पर और अधिक टैक्स लगाएंगे और कुछ सामानों के आने पर पूरी तरह रोक लगा देंगे। ओंटारियो के प्रीमियर Doug Ford ने इस मामले पर बोलते हुए कहा कि वे इन टैक्सों से कनाडा की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर पूरी तरह ध्यान लगाए हुए हैं और स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
मध्य पूर्व का तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
यह कूटनीतिक बातचीत ऐसे समय में सामने आई है जब मध्य पूर्व यानी मिडिल ईस्ट के देशों में भारी उथल-पुथल मची हुई है। बुधवार को अमेरिका और ईरान के बीच रातभर हुए हमलों के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यह दावा किया था कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के तुरंत बाद यह संघर्ष खत्म हो जाएगा क्योंकि उनका मानना है कि ईरान पूरी तरह बर्बाद होने की कगार पर पहुंच चुका है। इसके जवाब में ईरान ने फारस की खाड़ी के पास Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए आवाजाही नियम लागू कर दिए हैं। ऐसी रिपोर्टें भी सामने आ रही हैं कि तेहरान अमेरिका के आगामी चुनावी दौर को प्रभावित करने के लिए तनाव को और ज्यादा बढ़ा सकता है।