Canada ने जेरूसलम के डिप्टी मेयर Arieh King का ट्रैवल परमिशन किया रद्द, एंट्री पर लगा बैन.

कनाडा सरकार ने जेरूसलम के डिप्टी मेयर Arieh King का इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन यानी यात्रा अनुमति को रद्द कर दिया है। इस बड़े फैसले के बाद अब वह कनाडा देश में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इस बात की जानकारी सामने आई 26 अगस्त 2026 को, जिसकी पुष्टि इवेंट के आयोजक Meir Weinstein ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की। डिप्टी मेयर एरिए किंग को कनाडा के टोरंटो और मॉन्ट्रियल शहरों में अपनी सेटलमेंट पहलों के लिए फंड जुटाने वाले कार्यक्रमों में शामिल होना था, लेकिन अब उनके ये सभी कार्यक्रम पूरी तरह से रद्द कर दिए गए हैं।
कनाडा सरकार की नीति और अंतर्राष्ट्रीय कानून
कनाडा सरकार की तरफ से इस ट्रैवल बैन को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान सीधे तौर पर जारी नहीं किया गया है। हालांकि, यह पूरी कार्रवाई कनाडा के उस पुराने रुख के बिल्कुल मेल खाती है जिसके तहत फिलिस्तीनी क्षेत्रों में इजरायली बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ अवैध माना जाता है। इसके अलावा, कनाडा के इमीग्रेशन और रिफ्यूजी प्रोटेक्शन एक्ट के तहत उन लोगों पर रोक लगाने के नियम हैं जो चरमपंथी बस्तियों की हिंसा में शामिल रहे हैं। इसी साल अगस्त 2026 में, कनाडा के विदेश मंत्री ने उन सभी कंपनियों को भी कड़ी चेतावनी जारी की थी जो इन बस्तियों से जुड़े व्यापारिक कामों और वित्तीय जोखिमों में शामिल हैं।
डिप्टी मेयर एरिए किंग का पक्ष और UNRWA का विरोध
डिप्टी मेयर Arieh King के पास ब्रिटेन और इजराइल दोनों देशों की दोहरी नागरिकता है। उन्होंने इस ट्रैवल बैन को अपने खिलाफ चलाया गया एक राजनीतिक अभियान बताया है। उनका कहना है कि यह सब इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वह फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी यानी UNRWA का कड़ा विरोध करते हैं और यहूदी बस्तियों का समर्थन करते हैं। हाल ही में एरिए किंग ने इजराइल द्वारा UNRWA के कब्जे वाले कलंदिया ट्रेनिंग सेंटर को अपने कब्जे में लेने का खुले तौर पर समर्थन किया था, जिसके बाद वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा में आ गए थे।
मानवाधिकार संगठनों और वकीलों की प्रतिक्रिया
कनाडा सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम का कई मानवाधिकार संगठनों और वकीलों ने स्वागत किया है। द लीगल सेंटर फॉर फिलिस्तीन ने इस फैसले पर अपनी खुशी जाहिर की और पूर्वी जेरूसलम में लोगों को हटाने के कामों में एरिए किंग की कथित भूमिका का जिक्र किया। इसके अलावा हिन्द रजाब फाउंडेशन के सीईओ Diab Abu Jajah और फलस्तीनी वैकल्पिक क्रांतिकारी मार्ग आंदोलन ने भी इस फैसले की सराहना की है। इन सभी संगठनों और कार्यकर्ताओं ने मिलकर एरिए किंग की कनाडा यात्रा के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया था और रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस के पास मानवता के खिलाफ अपराधों की औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई थी।
हिन्द रजाब फाउंडेशन ने अब अमेरिका के न्याय विभाग यानी यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस से एक औपचारिक अनुरोध किया है। इस अनुरोध के तहत आगामी 31 अगस्त 2026 को अमेरिका की उनकी संभावित यात्रा से पहले उनके खिलाफ युद्ध अपराधों और नरसंहार के लिए आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई है।