कॉकपिट में हमला, 16 हजार फीट की गिरावट; भारतीय कैप्टन ने बचाई 182 जान
फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छड़ ने कॉकपिट हमले के बावजूद विमान को क्रैश होने से बचाया। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।

आसमान में उड़ते एक विमान के अंदर जब अचानक खूनी संघर्ष शुरू हो जाए, तो कल्पना करना भी डरावना होता है। ऐसा ही कुछ दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के साथ हुआ। इस विमान में करीब 170 से 182 यात्री सवार थे, तभी सऊदी अरब के ऊपर उड़ान भरते समय कॉकपिट में एक भयानक हमला हुआ। लेकिन मुंबई के रहने वाले जांबाज कैप्टन स्मित मच्छड़ की सूझबूझ और बहादुरी ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, विमान के ओमान निवासी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने अचानक एक क्रैश कुल्हाड़ी (crash axe) से कैप्टन स्मित मच्छड़ पर हमला कर दिया। हमलावर का मकसद विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेना था। इस हमले के दौरान विमान अनियंत्रित होकर महज 30 सेकंड में 16,000 फीट नीचे गिर गया, जिससे यात्रियों की जान पर बन आई। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, कैप्टन मच्छड़ ने हिम्मत नहीं हारी और अंदर से फ्लाइट डेक का दरवाजा खोल दिया।
आतंकी साजिश और अंतरराष्ट्रीय जांच
जैसे ही दरवाजा खुला, विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी फ्लाईदुबई पायलटों और यात्रियों ने मिलकर हमलावर को काबू कर लिया। इसके बाद विमान को स्थिर कर सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। यूएई के अटॉर्नी जनरल काउंसलर हमद सैफ अल-शमसी ने इस घटना को एक आतंकवादी प्रयास के रूप में जांचने की बात कही है।
जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर हमाम अल-हमामी को उसकी चरमपंथी विचारधारा के कारण ओमान में उड़ान भरने से पहले ही प्रतिबंधित किया जा चुका था। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी को-पायलट के कट्टरपंथ की पुष्टि की है और कैप्टन मच्छड़ को मई 2027 में एक सम्मान समारोह में आमंत्रित किया है।
इस मामले की जांच अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल चुकी है। ऑस्ट्रेलिया की विक्टोरियन जॉइंट काउंटर टेररिज्म टीम भी इस संदिग्ध के ऑस्ट्रेलिया कनेक्शन की जांच कर रही है। आरएमआईटी यूनिवर्सिटी ने पुष्टि की है कि आरोपी 2015 से 2017 के बीच वहां इंजीनियरिंग प्रोग्राम में नामांकित था, हालांकि उसने डिग्री पूरी नहीं की।
अस्पताल के बिस्तर से कैप्टन स्मित मच्छड़ ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और बताया कि कैसे उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना विमान को क्रैश होने से बचाया। फिलहाल, स्मित अबू धाबी में अपनी चोटों से उबर रहे हैं, जबकि हमलावर को सऊदी अरब से यूएई की हिरासत में भेज दिया गया है।