CENTCOM ने रोके 101 कमर्शियल जहाज, ईरान बंदरगाह नाकाबंदी के बाद खाड़ी देशों में बढ़ी टेंशन.

अमेरिका के केंद्रीय कमान यानी CENTCOM ने रविवार, 13 सितंबर 2026 को यह जानकारी दी है कि उन्होंने ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ चल रही नाकाबंदी के बीच अब तक कुल 101 कमर्शियल जहाजों को सफलतापूर्वक दूसरे रास्ते पर मोड़ दिया है। यह आंकड़ा शनिवार, 12 सितंबर को बताए गए 100 जहाजों से एक अधिक है। अमेरिकी सेना का यह साफ कहना है कि इस नाकाबंदी की पूरी निगरानी बहुत सख्त तरीके से की जा रही है और बिना अमेरिका की अनुमति के एक भी जहाज को इस इलाके से गुजरने नहीं दिया गया है। कुवैत समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह समुद्री नाकाबंदी 14 जुलाई 2026 को फिर से लागू होने के बाद से पिछले 60 दिनों से ज्यादा समय से लगातार जारी है, जिसकी अधिक जानकारी आप WAM News पर देख सकते हैं।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही हुई कम
ऑपरेशनल आंकड़ों के अनुसार, महत्वपूर्ण जलमार्ग यानी Strait of Hormuz से होने वाले शिपिंग ट्रैफिक में बहुत बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। बीते 12 सितंबर को केवल 7 जहाज ही इस जरूरी रास्ते से गुजर सके, जो कि पिछले 10 दिनों के औसत 15 जहाजों से काफी कम है। यह कम गतिविधि पिछले कुछ दिनों में हुई सैन्य हलचल के कारण है, जिसमें अमेरिका ने 5 सितंबर को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के 3 टैंकरों और 8 सितंबर को 5 अन्य टैंकरों पर हमले किए थे। इससे पहले 1 सितंबर को भी IRGC के ठिकानों पर कार्रवाई की गई थी। 10 सितंबर तक के रिकॉर्ड बताते हैं कि अमेरिकी सेना ने कुल 96 जहाजों का रास्ता बदला था, 2 जहाजों पर चढ़कर जांच की थी और नियमों का पालन न करने पर 3 जहाजों को पूरी तरह से बेकार कर दिया था। हालांकि, राहत की बात यह है कि मानवीय सहायता ले जाने वाले 50 से ज्यादा जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की पूरी छूट दी गई है।
ईरान की चेतावनी और क्षेत्रीय तनाव
दूसरी तरफ, ईरान ने इन सभी अमेरिकी और पश्चिमी गतिविधियों को खुली सैन्य आक्रामकता बताया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने फारस की खाड़ी में एक संभावित समुद्री प्रतिबंध क्षेत्र बनाने की कड़ी चेतावनी भी दी है। क्षेत्रीय तनाव तब और ज्यादा बढ़ गया जब कुवैती सशस्त्र बलों ने यह रिपोर्ट दी कि उन्होंने 3 सितंबर 2026 को ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों को हवा में ही रोक दिया था। इस नाकाबंदी के बावजूद, Strait of Hormuz जो कि दुनिया के कुल तेल का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा ले जाने का सबसे मुख्य रास्ता है, अभी भी काफी हद तक प्रभावित है और 28 फरवरी 2026 से ही ईरान के अलग-अलग प्रतिबंधों के घेरे में चल रहा है। खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि इससे क्षेत्र की सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों पर सीधा असर पड़ रहा है।