चीन का पश्चिम एशिया में बड़ा बयान, बाहरी हस्तक्षेप का किया विरोध और समुद्री सुरक्षा में सहयोग का प्रस्ताव

चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने बुधवार को पश्चिम एशिया के देशों से साफ तौर पर कहा कि क्षेत्रीय मामलों में किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप का विरोध किया जाना चाहिए। काहिरा में मिस्र के राष्ट्रपति Abdel Fattah el-Sisi के साथ हुई अहम बैठक के दौरान उन्होंने यह बात कही। बीजिंग अब इस क्षेत्र में अपनी आर्थिक और कूटनीतिक पकड़ मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण पूरे इलाके में नौवहन और समुद्री व्यापार पर भारी असर पड़ा है।
चीन और मिस्र के बीच उच्च स्तरीय बैठक
चीनी राष्ट्रपति की यह यात्रा करीब एक दशक बाद मिस्र की धरती पर हुई है। चीनी सरकारी समाचार एजेंसी Xinhua के अनुसार, बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। राष्ट्रपति Xi ने जोर देकर कहा कि पश्चिम एशिया के स्थानीय लोगों को ही अपने क्षेत्र के भविष्य और मामलों का फैसला खुद करने का पूरा अधिकार होना चाहिए। बाहरी ताकतों का दखल इस इलाके की शांति को बिगाड़ रहा है, जिसे रोकने की सख्त जरूरत है।
समुद्री सुरक्षा और व्यापार पर असर
पिछले करीब छह महीनों से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और तनाव के कारण समुद्री जहाजरानी पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इस स्थिति को देखते हुए चीनी नेता ने क्षेत्रीय देशों के सामने एक प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि चीन संबंधित देशों के साथ मिलकर समुद्री परिवहन और जहाजरानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इस सहयोग से व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे इस रास्ते से गुजरने वाले तमाम देशों और कारोबारियों को राहत मिल सकती है।