कांगो में भीषण आग का तांडव, 27 बच्चों समेत कई लोगों की मौत और 300 घर जलकर हुए खाक.

Praggya Singh sabal11 September 20263 min read45 viewsWorld
कांगो में भीषण आग का तांडव, 27 बच्चों समेत कई लोगों की मौत और 300 घर जलकर हुए खाक.

अफ्रीकी देश कांगो के पूर्वी हिस्से में स्थित बुकावु शहर में एक भयानक हादसा सामने आया है, जहां भीषण आग लगने की वजह से कम से कम 27 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस बड़े हादसे में मरने वाले बच्चों में 19 लड़कियां और 8 लड़के शामिल हैं, जिससे पूरे इलाके में मातम पसर गया है। आग इतनी भयानक थी कि इसकी चपेट में आने से करीब 300 घर और दो बड़े स्कूल पूरी तरह से जलकर राख हो गए हैं। स्थानीय लोगों के लिए यह हादसा किसी बड़े सदमे से कम नहीं है, क्योंकि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।

अस्पतालों में चल रहा घायलों का इलाज

सरकारी समाचार एजेंसी 'एजेंस कांगोलीज डी प्रेसे (एसीपी)' की 10 सितंबर को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, इस हादसे में 29 लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। अस्पताल और स्कूल के सूत्रों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से 17 घायलों का इलाज कदुतु जनरल हॉस्पिटल में चल रहा है, जबकि बाकी 12 लोगों को कदुतु प्रोविंशियल जनरल रेफरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है जहां डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या अभी और भी बढ़ सकती है, क्योंकि कई लोगों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।

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प्रभावित इलाके और स्कूलों की स्थिति

यह दर्दनाक हादसा कांगो के सुद-किवु प्रांत की राजधानी बुकावु में हुआ है, जो वर्तमान में रवांडा की सेना और उसके एम23 मिलिशिया के कब्जे वाला क्षेत्र है। आग ने शहर की मुख्य सड़कों जैसे काशेके, लुगुलु और एलिला को अपनी चपेट में ले लिया है और यह आग तेजी से आसपास के रिहायशी इलाकों में फैल गई। स्कूल के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 300 से ज्यादा घरों को इस आग ने पूरी तरह से तबाह कर दिया है। इसके अलावा दो महत्वपूर्ण स्कूल, जिनमें बागीरा कम्यून का ईपी मोसाला स्कूल और कदुतु कम्यून का ईपी नोंगों स्कूल शामिल है, इस त्रासदी से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इतनी बड़ी आग आखिर कैसे लगी और इसके पीछे की असल वजह क्या थी।

स्थानीय लोगों की मुश्किलें और प्रशासन की बेबसी

एक स्थानीय निवासी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि बुकावु शहर में आखिर चल क्या रहा है। पिछले एक महीने के भीतर आग लगने की 18 घटनाओं में अब तक 50 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जिससे आम जनता में सरकार के खिलाफ काफी निराशा है। लोगों का कहना है कि उन्हें इस मुश्किल समय में सरकार से मदद की सख्त जरूरत है। खासकर तब जब स्कूल का नया सत्र शुरू होने वाला है और बच्चों के पास पढ़ाई के लिए बुनियादी चीजें तक नहीं बची हैं। माता-पिता के सामने सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि वे अपने बेघर हुए बच्चों के साथ रात गुजारने के लिए कहां जाएं, क्योंकि उनके सिर से छत छिन चुकी है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप हिन्दुस्तान समाचार की रिपोर्ट देख सकते हैं।

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