दिल्ली पुलिस ने नेपाल बाढ़ पीड़ितों के बीच बचाई जान, भीषण आपदा में भारत ने भेजी राहत सामग्री.

दिल्ली पुलिस ने नेपाल से आए एक 24 साल के युवा हरि बहादुर प्रधान की जान बचाकर इंसानियत की एक बड़ी मिसाल पेश की है। नेपाल में आए विनाशकारी बाढ़ की वजह से इस युवा का घर पूरी तरह से बर्बाद हो गया था और वह गंभीर संकट में था। हालांकि राजधानी दिल्ली में बाढ़ पीड़ितों के प्रति आम लोगों की संवेदनशीलता की कमी की बात सामने आ रही है, लेकिन मौके पर स्थानीय पुलिस की त्वरित मदद ने इस नेपाली नागरिक की जिंदगी बचा ली। बाढ़ के कारण नेपाल में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं और लोग भारी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही और बढ़ता मृत्यु आंकड़ा
5 सितंबर 2026 तक के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, नेपाल में इस भीषण आपदा की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,344 तक पहुंच गई है। प्रशासन और राहत टीमों ने अब तक कुल 843 शवों को बरामद कर लिया है। इसके साथ ही बचाव अभियानों के दौरान 12,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जबकि लगभग 5,000 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल में यह भयानक आपदा बीते 26 अगस्त 2026 को शुरू हुई थी, जिसके बाद से पूरे देश में जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और हर तरफ बर्बादी का मंजर दिखाई दे रहा है।
भारत की तरफ से राहत सामग्री और नागरिकों की वापसी
इस भारी संकट के समय पड़ोसी देश नेपाल की मदद के लिए भारत सरकार लगातार आगे आ रही है। भारत की तरफ से अब तक लगभग 95 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी जा चुकी है ताकि पीड़ितों को समय पर मदद मिल सके। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने 4 सितंबर 2026 को जानकारी दी कि इस आपदा के बीच कुल 169 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इनमें से तीन लोगों को खासतौर पर त्रिशूल बाजार इलाके से निकाला गया था, लेकिन अभी भी लगभग 275 भारतीय नागरिक लापता हैं और उनकी तलाश जारी है। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास नेपाल में फंसे शरणार्थियों और नागरिकों को हवाई यात्रा के जरिए भारत वापस लाने में लगातार मदद कर रहा है। इससे पहले 29 अगस्त 2026 को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दिल्ली में सुरक्षित लाए गए 21 भारतीय तीर्थयात्रियों से मुलाकात की थी और उनका हालचाल जाना था। इस पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी आप NewsOnAir Hindi की रिपोर्ट में देख सकते हैं।
दिल्ली में नेपाली समुदाय का राहत फंड में योगदान
संकट की इस घड़ी में दिल्ली में रहने वाले नेपाली समुदाय के लोगों ने भी अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है। समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री राहत कोष में अब तक लगभग 90 लाख रुपये का योगदान दे दिया है। इसके साथ ही वे इस राशि को बढ़ाकर कुल 2 करोड़ रुपये तक पहुँचाने के लक्ष्य पर लगातार काम कर रहे हैं, ताकि बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास और उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सके।