ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान ने छोड़े परमाणु हथियार!
US President Donald Trump claims Iran has abandoned nuclear ambitions amid rising Middle East tensions, while Tehran sets conditions for IAEA inspections.

मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। ट्रंप के अनुसार, ईरान ने परमाणु हथियार हासिल करने की अपनी योजना को पूरी तरह से त्याग दिया है। उन्होंने इसके पीछे अपने प्रशासन की मजबूत रणनीतिक कार्रवाइयों, खास तौर पर बी-2 बॉम्बर्स की तैनाती को मुख्य वजह बताया है।
ईरान और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी का रुख
अमेरिकी दावों के उलट, तेहरान की ओर से एक अलग ही तस्वीर सामने आ रही है। ईरानी संसद के सदस्य वहीद अहमदी ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA के निरीक्षकों की वापसी कुछ खास शर्तों के अधीन ही होगी। ईरान का कहना है कि जब तक उसके परमाणु स्थलों और कर्मियों की सुरक्षा की औपचारिक गारंटी नहीं मिलती, तब तक सहयोग पूरी तरह से स्थगित रहेगा।
दूसरी ओर, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बदले क्षतिग्रस्त स्थलों तक IAEA की पहुंच बहाल करने की इच्छा जताई है।
सुरक्षा और कूटनीति का उलझा हुआ दौर
हाल ही में अमेरिका और उसके करीब 50 सहयोगी देशों ने तेहरान पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को फिर से लागू करने के प्रयासों की वर्षगांठ पर एक संयुक्त बयान जारी किया था। सितंबर में IAEA ने सुरक्षा उपायों के पालन में कथित रूप से विफल रहने पर ईरान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को रिपोर्ट किया था। हालांकि, रूस और चीन के कड़े विरोध के कारण कोई भी ठोस संयुक्त राष्ट्र कार्रवाई अभी तक रुकी हुई है, क्योंकि दोनों देशों का मानना है कि शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम का अधिकार ईरान के पास है।
इस बीच, इजरायली प्रतिनिधियों का दावा है कि ईरान के पास अब भी पर्याप्त मात्रा में परमाणु सामग्री बिना सुरक्षा घेरे के मौजूद है। वहीं, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने किसी भी संभावित हमले का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है, जिससे इस क्षेत्र में कूटनीति और तनाव का खेल लगातार जारी है।