दुबई में रहने वाले लोग विदेश में इलाज के लिए अपने हेल्थ इंश्योरेंस की सीमाओं को लेकर उलझन में हैं

दुबई निवासी विदेश में इलाज के लिए अपने हेल्थ इंश्योरेंस की सीमाओं को लेकर उलझन में हैं। जानें क्या कहता है DHA का नियम।

Nura Basta20 October 20262 min read11 viewsUAE
दुबई में रहने वाले लोग विदेश में इलाज के लिए अपने हेल्थ इंश्योरेंस की सीमाओं को लेकर उलझन में हैं

दुबई: यहां रहने वाले कई लोग जो दूसरे देशों के डॉक्टरों के संपर्क में हैं, अब इस बात को लेकर सवाल उठा रहे हैं कि विदेश में इलाज कराने पर उनके घरेलू हेल्थ इंश्योरेंस का दायरा क्या होगा। दरअसल, दुबई में रहने वालों के लिए स्थानीय बीमा पॉलिसियां आमतौर पर संयुक्त अरब अमीरात के बाहर होने वाले महंगे इलाज का खर्च नहीं उठाती हैं।

दुबई हेल्थ अथॉरिटी (DHA) के कानून नंबर 11 के तहत 2014 से सभी निवासियों के लिए मेडिकल इंश्योरेंस अनिवार्य कर दिया गया था। अब इस नियम का विस्तार किया गया है और 1 जनवरी 2025 से सभी सात अमीरात में स्वास्थ्य बीमा अनिवार्य हो गया है।

DHA के जनरल सर्कुलर 03/2024 के मुताबिक, एसेंशियल बेनिफिट्स प्लान (EBP) के तहत सालाना कुल कवरेज की सीमा 1,50,000 दिरहम तय की गई है। इसमें को-इंश्योरेंस की शर्तें भी शामिल हैं।

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दवाइयों के लिए सालाना लाभ की सीमा 2,500 दिरहम है, जिसमें 30 प्रतिशत को-इंश्योरेंस देना होगा। वहीं, गैर-आपातकालीन अस्पताल भर्ती के लिए पहले अनुमति लेनी होगी और इसमें 20 प्रतिशत को-इंश्योरेंस लगेगा, जिसकी सीमा प्रति स्टे 500 दिरहम और सालाना 1,000 दिरहम है।

रेजीडेंसी वीजा वाले लोगों के लिए एक्टिव हेल्थ इंश्योरेंस होना जरूरी है, तभी वीजा जारी या रिन्यू किया जाता है। इमिग्रेशन अधिकारी इसकी जांच रियल टाइम में करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू पॉलिसियां स्थानीय इलाज तक सीमित होती हैं, इसलिए विदेश यात्रा करने वालों को इमरजेंसी के लिए अलग से ट्रैवल इंश्योरेंस लेना चाहिए।

यूएई नागरिकों के लिए नियम अलग हैं। वे DHA के शेफा सिस्टम के जरिए 'ओवरसीज ट्रीटमेंट पॉलिसी' का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए दुबई अमीरात द्वारा जारी पासपोर्ट होना और DHA मान्यता प्राप्त अस्पताल से विदेश में इलाज की सिफारिश वाली मेडिकल रिपोर्ट होना जरूरी है।

दुबई हेल्थ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (DHIC) मुख्य संस्था है जो DHA की देखरेख में क्लेम मैनेजमेंट का काम देखती है। यह व्यवस्था 16 नवंबर 2025 से प्रभावी पॉलिसी निर्देश के तहत काम कर रही है।

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