Dubai Police Alert: भारतीय नौकरी चाहने वालों के लिए चेतावनी, फर्जी वीज़ा और नौकरी के नाम पर हो रहा बड़ा फ्रॉड.

दुबई पुलिस ने 27 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप पर सक्रिय फर्जी एजेंटों को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी की है। ये ठग यूएई में नौकरी, विजिट वीज़ा या रेजिडेंसी दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे ठग रहे हैं। विभाग के एंटी-फ्रॉड सेंटर ने चेतावनी दी है कि स्कैमर्स अक्सर व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले भारतीय नौकरी चाहने वालों को निशाना बनाते हैं। वे विज्ञापन और मैसेज के जरिए जल्दी रोजगार और वर्क वीज़ा का झांसा देकर एडवांस में पैसे मांगते हैं, जिससे गल्फ जाने की तैयारी कर रहे लोग आसानी से इनके जाल में फंस जाते हैं।
फर्जी एजेंटों से कैसे बचें और क्या हैं लाल झंडे
एंटी-फ्रॉड सेंटर ने साफ किया है कि वीज़ा सेवाओं के लिए अनौपचारिक बिचौलियों द्वारा पैसे मांगना ही सबसे बड़ा लाल झंडा है। ऐसे फर्जी विज्ञापनों में गारंटीड नौकरी, तुरंत वीज़ा अनुमोदन और स्पॉन्सरशिप का दावा किया जाता है। दुबई पुलिस लोगों से अपील करती है कि वे वीज़ा से जुड़ी प्रक्रियाओं के लिए केवल सरकारी अधिकारियों या कानूनी रूप से स्वीकृत कार्यालयों का ही उपयोग करें। पासपोर्ट कॉपी, अमीरात आईडी, बैंक जानकारी, ओटीपी या भुगतान विवरण जैसी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले संस्था की वैधता और ऑफर की प्रामाणिकता की जांच आधिकारिक चैनलों के माध्यम से जरूर करें।
MOHRE और GDRFA से करें दस्तावेजों की जांच
यूएई में प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों के लिए, मानव संसाधन और अमीराइजेशन मंत्रालय (MOHRE) यह अनिवार्य करता है कि कामगारों को एक अनूठा सीरियल नंबर या बारकोड वाला मंत्रालय-अनुमोदित रोजगार प्रस्ताव फॉर्म मिले। आवेदक MOHRE की आधिकारिक वेबसाइट, स्मार्ट ऐप या 600590000 पर कॉल करके इन ऑफर्स की वैधता की जांच कर सकते हैं। सत्यापन के लिए ट्रांजैक्शन नंबर, पासपोर्ट नंबर, राष्ट्रीयता और जन्म तिथि की आवश्यकता होती है। यदि कोई रिक्रूटर केवल व्हाट्सएप पीडीएफ, एडिटेड लेटरहेड या स्क्रीनशॉट देता है, तो इसे संदिग्ध माना जाना चाहिए। इसके अलावा, दुबई एंट्री परमिट और रेजिडेंसी दस्तावेजों की जांच GDRFA Dubai की आधिकारिक वीज़ा स्टेटस सेवा के माध्यम से की जा सकती है।
धोखाधड़ी होने पर तुरंत कहां करें शिकायत
यदि किसी के साथ धोखाधड़ी या उसका प्रयास होता है, तो दुबई पुलिस के स्मार्ट ऐप, eCrime प्लेटफॉर्म या 901 पर कॉल करके तुरंत घटना की रिपोर्ट करने की सलाह दी जाती है। पीड़ितों को चैट के स्क्रीनशॉट, फोन नंबर, भुगतान रसीदें और दस्तावेजों जैसे सबूतों को सुरक्षित रखना चाहिए। जिन लोगों ने पहले ही बैंक ट्रांसफर या कार्ड के जरिए पैसे भेज दिए हैं, उन्हें ट्रांजैक्शन को ट्रेस या फ्रीज करने के लिए तुरंत अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए। दुबई पुलिस इस बात पर जोर देती है कि सेवा के स्रोत का सत्यापन ही घोटालों के खिलाफ मुख्य बचाव है।