Dubai New Rules: दुबई में शेयर हाउसिंग को लेकर बड़ा नियम लागू, सितंबर में मिलेंगे लाइसेंस और फीस के नए निर्देश.

दुबई में रहने वाले लाखों प्रवासियों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है, जो किराए पर कमरा, बेड स्पेस या पार्टीशन लेकर अपना गुजर-बसर करते हैं। Dubai Municipality ने हाल ही में साझा आवास यानी shared housing को लेकर एक नया और कड़ा कानून लागू कर दिया है, जिससे अब बिना परमिट के कोई भी मकान या कमरा किराए पर नहीं उठाया जा सकेगा। इस नए कदम का सीधा असर उन हजारों भारतीय और अन्य देशों के प्रवासियों पर पड़ेगा जो अल रग्गा, अल मुरक्काबात, अल बरशा, अल सतवा और अल रफा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में रहते हैं। प्रशासन का साफ कहना है कि घरों के अंदर बिना अनुमति के किए गए बदलाव जैसे कि लकड़ी के पार्टीशन, मचान बनाना या रसोईघर को बदल देना, लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं।
नया कानून और सितंबर में आने वाले नियम
अधिकारियों के मुताबिक, कानून संख्या (4) 2026 जो कि "Regulation of Shared Housing and Management in the Emirate of Dubai" के नाम से है, उसे आधिकारिक राजपत्र में 27 फरवरी 2026 को प्रकाशित किया गया था और यह कानून 26 अगस्त 2026 से पूरी तरह लागू हो चुका है। अब नगरपालिका ने यह जानकारी दी है कि इस साझा आवास प्रणाली से जुड़े लाइसेंस, जरूरी दस्तावेजों की सूची और इससे जुड़ी फीस का पूरा पैकेज इस महीने यानी सितंबर 2026 में जारी किया जाएगा। इसके साथ ही ऑनलाइन आवेदन करने के लिए एक नया पोर्टल भी शुरू किया जाएगा, जिससे लोगों को आवेदन करने में आसानी होगी। इस कानून के तहत कुल छह श्रेणियां बनाई गई हैं जिनमें परिवार, अकेली महिलाएं, अकेले पुरुष, महिला छात्र, पुरुष छात्र और सरकारी या निजी कंपनियों के कर्मचारी शामिल हैं। हालांकि, सामूहिक श्रम शिविरों यानी सामूहिक लेबर कैंप को इस नियम से पूरी तरह बाहर रखा गया है।
परमिट और किराए के नए कड़े नियम
इस नए सिस्टम के तहत कोई भी यूनिट बिना परमिट के साझा आवास के रूप में नहीं चलाई जा सकेगी। परमिट केवल संपत्ति के मालिक या फिर किसी अधिकृत रियल एस्टेट कंपनी के नाम पर ही जारी किया जाएगा, और किराएदारों को आगे किसी और को कमरा सबलीज यानी किराए पर देने का कोई अधिकार नहीं होगा। जारी किए जाने वाले परमिट की वैधता एक वर्ष की होगी, जिसे बाद में दो साल के लिए और बढ़ाया जा सकेगा बशर्ते इसके लिए परमिट खत्म होने से कम से कम 30 दिन पहले आवेदन करना होगा। जो मकान या यूनिट पहले से चल रहे हैं, उन्हें अपनी स्थिति सुधारने और वैध करने के लिए एक साल की छूट अवधि दी गई है। नगरपालिका द्वारा प्रति व्यक्ति के हिसाब से न्यूनतम जगह, रसोई और बाथरूम जैसी साझा सुविधाओं के मानक और आग से सुरक्षा, ड्रेनेज व बिजली की लाइनों के कड़े नियम तय किए जाएंगे। इसके अलावा, जनसंख्या घनत्व और बुनियादी ढांचे को ध्यान में रखते हुए केवल चुनिंदा इलाकों में ही शेयर हाउसिंग की अनुमति दी जाएगी।
रजिस्ट्री और भारी जुर्माना
यह पूरी व्यवस्था Dubai Land Department (DLD) के इलेक्ट्रॉनिक शेयर हाउसिंग रजिस्ट्री के साथ जोड़ी जाएगी, जिससे सभी किराये और प्रबंधन समझौतों पर नजर रखी जा सकेगी। विभाग द्वारा एक तय किराया ढांचा और मानक किराए के टेम्पलेट तैयार किए जाएंगे। नियम के अनुसार, जब तक कोई दूसरा समझौता न हो, तब तकデフォルト रूप से किराए का भुगतान हर महीने करना होगा और इस किराए में बिजली व पानी का खर्च भी शामिल रहेगा। यदि कोई इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसे 500 दिरहम से लेकर 5 लाख दिरहम तक का भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। यदि कोई एक साल के भीतर दोबारा वही गलती करता है, तो जुर्माने की रकम दोगुनी यानी 10 लाख दिरहम तक पहुंच सकती है। इसके अलावा गतिविधियों पर 6 महीने तक की रोक, लाइसेंस रद्द करना, बिजली-पानी का कनेक्शन काटना और बेदखली जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है। कानूनी विशेषज्ञों ने मकान मालिकों और संचालकों को सलाह दी है कि वे समय रहते नियमों का पालन करें और पूरी प्रक्रिया को समझकर ही आगे बढ़ें ताकि किसी भी बड़ी कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।