Nepal Floods: नेपाल में फंसे तिरुचिरापल्ली के लोगों से मिले सांसद दुराई वाइको, सुरक्षित वापसी की उठाई मांग

Nura Basta29 August 20263 min read19 viewsIndia
Nepal Floods: नेपाल में फंसे तिरुचिरापल्ली के लोगों से मिले सांसद दुराई वाइको, सुरक्षित वापसी की उठाई मांग

नेपाल में आए विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बीच वहां फंसे भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में मरुपलार्ची द्रविड़ मुन्नेर कड़गम (MDMK) के नेता और तिरुचिरापल्ली से सांसद Durai Vaiko ने शनिवार, 29 अगस्त 2026 को तिरुचिरापल्ली में रहने वाली विमला के घर का दौरा किया। उन्होंने विमला के पति रवि और अन्य परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और सरकार की तरफ से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। विमला पिछले कुछ दिनों से नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के कारण वहीं फंसी हुई हैं, जिससे उनके परिवार के लोग काफी ज्यादा परेशान हैं। इस मुलाकात के दौरान सांसद ने पीड़ित परिवार को यह विश्वास दिलाया कि सरकार के संपर्क में लगातार रहकर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि वहां फंसे हर एक नागरिक को सुरक्षित उनके घर वापस लाया जा सके।

सांसद ने दी फंसे हुए लोगों की जानकारी

सांसद Durai Vaiko ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र तिरुचिरापल्ली के तीन लोग—Karpagam Rajamohan (62), Sivaranjani Muthunathan (46), और Vallinayagi Sivakumar (61)—सुरक्षित बचा लिए गए हैं। हालांकि, अभी तक विमला (50) और गंगासुंदरम्बल (67) से कोई संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है, जिससे चिंताएं थोड़ी बढ़ गई हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि तमिलनाडु के कम से कम 57 लोग इस समय नेपाल के आपदा प्रभावित इलाकों में फंसे हुए हैं। सांसद लगातार भारतीय संघ सरकार पर दबाव बना रहे हैं कि वह इन सभी लोगों की सुरक्षित निकासी को अपनी पहली प्राथमिकता बनाए। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News पर जा सकते हैं।

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विदेश मंत्रालय और नेपाल सरकार के आंकड़े

भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, 29 अगस्त तक कुल 88 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 287 भारतीय और भारतीय मूल के 128 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने पुष्टि की कि शनिवार को रसुवा की एक हाइड्रोपावर परियोजना से चार भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है। दूसरी तरफ, नेपाल आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार, वहां मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 675 तक पहुंच गया है और 2,498 लोग अब भी लापता हैं। नेपाल सरकार ने इस भारी तबाही से निपटने और बुनियादी ढांचे को दोबारा ठीक करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद मांगी है, जिसमें 42 बेली ब्रिज भी शामिल हैं। इस बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए आप News On Air की रिपोर्ट देख सकते हैं।

तमिलनाडु सरकार और भारत की तरफ से राहत कार्य

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री C Joseph Vijay ने दिल्ली में बचाव कार्यों के समन्वय के लिए चार सदस्यीय मंत्री दल भेजा है। इसके अलावा, नेपाल में फंसे 21 तीर्थयात्री शुक्रवार रात को चेन्नई लौट आए, जिनका स्वागत राज्य के मंत्रियों N Anand और D Sarathkumar ने हवाई अड्डे पर किया। राहत और बचाव अभियान को और मजबूत करने के लिए, भारत की तरफ से चिकित्सा और सुरंग बचाव विशेषज्ञों की एक 11 सदस्यीय टीम शनिवार को नेपाल पहुंच चुकी है। आपदा की शुरुआत से ही भारत सरकार लगातार राहत सामग्री से भरे तीन विमान नेपाल भेज चुकी है ताकि वहां फंसे लोगों और स्थानीय नागरिकों को तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।

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