मिस्र और चीन का बड़ा ऐलान, मिडिल ईस्ट में शांति और तनाव कम करने के लिएजल्द होगी बात.

बुधवार, 3 सितंबर 2026 को चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping मिस्र के दौरे पर थे। इस दौरान दोनों देशों ने मिलकर एक साझा बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि खाड़ी और मिडिल ईस्ट के देशों में तनाव को कम करना बहुत जरूरी है। दोनों देशों ने जोर देकर कहा कि आपसी बातचीत और राजनीतिक सहमति से ही क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का हल निकाला जा सकता है।
राजनीतिक समझौतों पर जोर
साझा बयान में इस बात पर खास ध्यान दिया गया कि मिडिल ईस्ट में चल रहे कई राजनीतिक संकटों का स्थायी समाधान निकाला जाना बेहद जरूरी है। मिस्र और चीन ने एक-दूसरे के पड़ोसी होने के नाते अच्छे संबंधों, देशों की संप्रभुता और किसी भी देश के अंदरूनी मामलों में दखल न देने की नीति का पूरा समर्थन किया। दोनों पक्षों ने यह भी माना कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों में राजनीतिक और सुरक्षा तालमेल को बढ़ाना चाहिए ताकि शांति और स्थिरता बनी रहे। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का सख्ती से पालन करने की बात भी कही गई।
लाल सागर की सुरक्षा और नेविगेशन
समुद्री सुरक्षा को लेकर मिस्र और चीन ने साफ किया कि लाल सागर की सुरक्षा और उसकी जिम्मेदारी मुख्य रूप से वहां के स्थानीय तटीय देशों की ही है। उन्होंने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा और जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखने के लिए आपसी सहयोग बेहद जरूरी है ताकि व्यापार में कोई रुकावट न आए।