ओमान और मिस्र के विदेश मंत्रियों की बातचीत, क्षेत्रीय तनाव को कम करने और समुद्री सुरक्षा पर दिया जोर

क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बनाए रखने के लिए खाड़ी देशों में लगातार कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में शनिवार, 5 सितंबर 2026 को मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती और ओमान के विदेश मंत्री बद्र बिन हमद अल बुसाइदी के बीच फोन पर एक महत्वपूर्ण बातचीत हुई। इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में चल रहे तनाव को कम करने और आपसी सहयोग बढ़ाने के विभिन्न उपायों पर विस्तार से चर्चा की। मिस्र के विदेश मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों देशों के मंत्रियों ने क्षेत्रीय हालात और शांति बहाली के लिए चल रहे कूटनीतिक प्रयासों पर अपने विचार साझा किए।
तनाव खत्म करने और संयम बरतने की अपील
बातचीत के दौरान मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती ने इस बात पर खास जोर दिया कि वर्तमान तनाव को जल्द से जल्द समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने की अपील की ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा को और अधिक खतरे में डालने वाली किसी भी कार्रवाई से बचा जा सके। मंत्रियों ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ताओं की मौजूदा स्थिति और उनके दोबारा शुरू होने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। खाड़ी देशों में शांति और सुरक्षा का सीधा असर वहां रहने वाले प्रवासियों और कामगारों पर भी पड़ता है, इसलिए इन वार्ताओं पर सबकी नजर बनी हुई है।
होरमुज जलडमरूमध्य और समुद्री सुरक्षा पर चर्चा
इस बातचीत का एक बड़ा हिस्सा होरमुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रम और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभावों पर केंद्रित था। दोनों मंत्रियों ने इस बात को मजबूती से रेखांकित किया कि रणनीतिक जलमार्ग से समुद्री नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। इसके माध्यम से ही अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति का निर्बाध प्रवाह बनाए रखा जा सकता है। खाड़ी क्षेत्र में माल की आवाजाही और तेल की सप्लाई सुचारू रहने से वैश्विक बाजार के साथ-साथ वहां काम करने वाले लाखों लोगों की आजीविका भी सुरक्षित रहती है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप Gulfhindi.com पर विजिट कर सकते हैं।