यूरोपीय संघ की बड़ी तैयारी, UNIFIL का कार्यकाल खत्म होने के बाद लेबनान सुरक्षा बलों को देगा ट्रेनिंग.

Aanya1 September 20262 min read38 viewsWorld
यूरोपीय संघ की बड़ी तैयारी, UNIFIL का कार्यकाल खत्म होने के बाद लेबनान सुरक्षा बलों को देगा ट्रेनिंग.

यूरोपीय संघ यानी EU लेबनान की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक नए प्लान पर काम कर रहा है। आने वाले दिनों में लेबनान में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन का कार्यकाल पूरा होने वाला है, जिसके बाद यूरोपीय संघ वहां के सुरक्षा बलों को प्रशिक्षित करने की योजना बना रहा है। इस संबंध में यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बैठक की है, जिसमें लेबनान की सेना और आंतरिक सुरक्षा बलों को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।

लेबनान में नए मिशन की रूपरेखा

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas ने इस बात की पुष्टि की है कि लेबनान के लिए एक नागरिक-सैन्य मिशन तैनात करने पर विचार किया जा रहा है। यह प्रस्ताव यूरोपीय बाहरी कार्रवाई सेवा यानी EEAS द्वारा तैयार किया गया है। इस तीन साल के गैर-कार्यकारी मिशन का मुख्य उद्देश्य लेबनान की जमीनी सीमाओं, क्षेत्रीय पुलिस, खुफिया निगरानी और समुद्री सुरक्षा को बेहतर बनाना है। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का मकसद लेबनान की सरकारी संस्थाओं को मजबूत करना है, न कि संयुक्त राष्ट्र के पुराने मिशन की जगह लेना या किसी समझौते की निगरानी करना।

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इटली और फ्रांस निभा रहे हैं अहम भूमिका

इस पूरी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के बीच बातचीत जारी है। इस संभावित अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की रूपरेखा तैयार करने में Italy और France जैसे देश प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। इस मिशन को शुरू करने के लिए सभी 27 यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की सहमति जरूरी है। माना जा रहा है कि इस साल सितंबर के मध्य तक इसका पूरा कार्ययोजना समिति के सामने पेश कर दी जाएगी, ताकि इसे साल 2027 की शुरुआत में लॉन्च किया जा सके।

विशेषज्ञों की चिंताएं और चुनौतियां

हालांकि यूरोपीय संघ इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है, लेकिन विशेषज्ञों ने इस मिशन की सफलता को लेकर कुछ चिंताएं भी जाहिर की हैं। जानकारों का कहना है कि जब तक कोई ठोस राजनीतिक समझौता नहीं होता और स्पष्ट दिशा-निर्देश तय नहीं किए जाते, तब तक इस योजना को लागू करना आसान नहीं होगा। इसके अलावा, दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैन्य बलों की मौजूदगी के कारण भी इस ऑपरेशन के सामने कई तरह की व्यावहारिक और मैदानी मुश्किलें आ सकती हैं।

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