सऊदी अरब और ईरान सीमा पर बड़े धमाके, किंग फहद एयर बेस और ताइफ शहर में गूंजी तेज आवाजें.

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच 10 सितंबर 2026 को ईरान और सऊदी अरब के कई इलाकों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इस क्षेत्र में रहने वाले आम नागरिकों और खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। ईरान के तटीय इलाकों जैसे Qeshm Island, Sirik और Minab काउंटियों में विस्फोटों की आवाजें दर्ज की गईं, जिसके बाद हॉर्मोजगन गवर्नरेट ने स्पष्ट किया कि قشم (Qeshm) में सुनाई देने वाली आवाजें समुद्र की तरफ से आई थीं। दूसरी तरफ, सऊदी अरब के प्रसिद्ध King Fahd Air Base और Taif शहर में भी कई धमाकों से धरती हिलने की खबर सामने आई, जहां स्थानीय मीडिया ने कम से कम दो जोरदार धमाके होने की पुष्टि की है।
क्षेत्रीय संघर्ष और सैन्य कार्रवाई का पूरा घटनाक्रम
यह पूरी घटना हाल ही में बढ़े हुए क्षेत्रीय संघर्ष और सैन्य तनातनी का परिणाम है। इससे पहले 9 सितंबर 2026 को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया था कि उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के दो जहाजों और आठ तेल टैंकरों पर हमला किया है। ईरान का कहना था कि यह कार्रवाई अमेरिकी सेना द्वारा उनके पांच तेल टैंकरों पर किए गए हमले के जवाब में की गई थी। इसके अलावा, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मिसाइलों से हमला किया है। हालांकि, जॉर्डन की सेना ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उन्होंने 9 सितंबर को ईरान की तरफ से दागी गई 18 मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया और इस घटना में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। इसके जवाब में ईरान ने चेतावनी दी है कि वे अपनी प्रतिक्रिया को और ज्यादा तेज करेंगे और समुद्र में एक बड़े प्रतिबंधित क्षेत्र का नक्शा भी जल्द जारी करेंगे।
अमेरिका और सऊदी अधिकारियों के बयान
उधर अमरीकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी कि उन्होंने 8 और 9 सितंबर 2026 को ईरान के पांच तेल टैंकरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। यह कार्रवाई अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल से हुए हमले के बाद की गई थी। अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने हालिया हिंसक घटनाओं के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया और यमन के हूती विद्रोही समूह को ईरान का प्रॉक्सी बताया। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 9 सितंबर को अपने बयान में कहा कि ईरान के साथ चल रहा यह संघर्ष आगामी अमेरिकी मध्यावर्ती चुनावों के बाद समाप्त हो जाएगा। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने अमेरिका के उन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें ईरान की संलिप्तता हूती अभियानों में बताई गई थी, और हूती समूह को एक स्वतंत्र संगठन करार दिया।
यमन और सऊदी अरब के बीच हवाई हमले
यमन के हूती विद्रोही संगठन ने 9 सितंबर को सऊदी अरब की सरकारी कंपनी Saudi Aramco की सुविधाओं और खमीस मुशायित एयर बेस को निशाना बनाने का एक बड़े पैमाने पर अभियान चलाने का दावा किया। यह हमला सऊदी अरब के तीन दक्षिण-पश्चिमी शहरों पर लगातार दूसरे दिन हुए हमलों के बाद सामने आया। हूती संगठन ने यह भी बताया कि 9 सितंबर को उनके ठिकानों पर सऊदी अरब की तरफ से 30 हवाई हमले किए गए। इससे पहले 8 सितंबर को सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे पर हुए हूती हमलों में 73 लोग घायल हो गए थे और कई जगहों पर भीषण आग लग गई थी, जिसके कारण सऊदी ऊर्जा मंत्रालय को कई तेल सुविधाओं पर परिचालन को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा था। सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन बलों के प्रवक्ता मेजर जनरल Turki Al-Maliki ने इन हमलों को पूरी तरह से संवेदनहीन और खतरनाक बताया। इसके अलावा जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने भी हूती हमलों की कड़ी निंदा की है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य देशों के प्रवासी इन ताजा हालातों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि सुरक्षा से जुड़ी हर जानकारी समय पर मिल सके।