दक्षिणी ईरान में हुए कई जोरदार धमाके, गल्फ देशों में बढ़ा तनाव और जहाजों पर मंडराया खतरा.

दक्षिणी ईरान के शहरों में बुधवार की शाम को अचानक तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। 9 सितंबर 2026 को हुई इन घटनाओं ने गल्फ क्षेत्र में चल रहे सैन्य और कूटनीतिक तनाव को और ज्यादा बढ़ा दिया है। आम लोगों और वहां रहने वाले प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी गहरी हो गई हैं। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा टकराव अब खुले तौर पर समुद्री जहाजों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर डाल रहा है।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता समुद्री टकराव
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स यानी IRGC ने बुधवार को दावा किया कि उसने अमेरिकी जहाजों और तेल टैंकरों को निशाना बनाया है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा पांच ईरानी तेल टैंकरों पर किए गए हमलों का बदला लेने के लिए की गई थी। इसके अलावा IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य में लगभग दस ऐसे जहाजों को भी निशाना बनाया, जो अमेरिकी समर्थन के साथ प्रतिबंधित क्षेत्र को पार करने की कोशिश कर रहे थे। ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेजाई ने भविष्य में होर्मुज जलडमरूमध्य से लेकर ओमान की खाड़ी और अरब सागर तक एक नया प्रतिबंधित नेविगेशन जोन बनाने का ऐलान किया है।
परमाणु मुद्दे पर कूटनीतिक हलचल और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
दूसरी तरफ कूटनीतिक मोर्चे पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने ईरान की परमाणु फाइलों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पास भेज दिया। एजेंसी ने आरोप लगाया कि ईरान अपने अंतरराष्ट्रीय समझौतों और नियमों का पालन नहीं कर रहा है। हालांकि ईरान ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित और पक्षपातपूर्ण बताया। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिकी प्रशासन की नीतियों की कड़ी आलोचना की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक IRGC ने जॉर्डन की तरफ भी मिसाइल हमले किए, जिससे पड़ोसी देशों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।
अमेरिकी चेतावनी और पिछले हमलों का सिलसिला
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 9 सितंबर 2026 को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाना बंद नहीं करता है, तो उसके तेल टैंकरों पर हमले जारी रहेंगे। ये ताजा घटनाएं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा 1 सितंबर 2026 को की गई पुष्टि के बाद सामने आई हैं। उस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया था कि अमेरिकी बलों ने ईरान की रडार प्रणालियों को पूरी तरह तबाह कर दिया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने पहले ही साफ कर दिया था कि ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सैनिकों और कमर्शियल जहाजों पर ईरान के हमलों के जवाब में किए गए थे। इन लगातार बढ़ते हमलों और तनाव की वजह से गल्फ क्षेत्र में रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों के मन में सुरक्षा को लेकर बड़ा डर बैठ गया है क्योंकि हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।