Gaza Air Strike: इसराइल के हमले में गाजा सिटी में दो लोगों की मौत, तीन साल का बच्चा भी शामिल.

गाजा सिटी में इसराइली सेना की तरफ से एक बार फिर बड़ा हवाई हमला किया गया है। इस हमले में दो फिलिस्तीनी नागरिकों की जान चली गई है, जिसमें एक छोटा बच्चा भी शामिल है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल और ज्यादा बढ़ गया है और आम लोग डरे हुए हैं।
हमले में जान गंवाने वालों की पहचान
रविवार, 31 अगस्त 2026 को हुए इस इसराइली हवाई हमले में मारे गए लोगों की पहचान हस्साम नुसैयर और तीन साल के बच्चे तय्येम हमदान के रूप में हुई है। यह हमला मध्य गाजा सिटी में अल-मघरिबी स्ट्रीट के पास हुआ, जिसमें कई अन्य लोग घायल भी हो गए। इसके अलावा, मध्य गाजा पट्टी के पश्चिमी हिस्से में स्थित डेर अल-बलाह में एक बेकरी के पास भी हमले की खबर सामने आई है।
इसराइली सेना का पक्ष
इसराइली सेना ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है। सेना के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने हस्साम नुसैयर को निशाना बनाया और मार गिराया, जिसे वे हमास का लड़ाका बता रहे हैं। इसराइली सेना का यह भी आरोप है कि नुसैयर इस्राइली सैनिकों और नागरिकों पर हमलों की योजना बना रहा था और उन्हें आगे बढ़ा रहा था। हालांकि, हमास की तरफ से इन सभी आरोपों पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कमजोर सीजफायर और संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी
यह ताजा हिंसा अक्टूबर 2025 में अमेरिका के समर्थन से हुए एक नाजुक समझौते के बाद हुई है। हालांकि उस समझौते से बड़े स्तर की जंग तो रुक गई थी, लेकिन इसराइली सेना की तरफ से छिटपुट हमले जारी रहे हैं। हमास लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि इस्राइल समझौते की शर्तों का उल्लंघन कर रहा है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों को संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों और स्वतंत्र विशेषज्ञों द्वारा भरोसेमंद माना जाता है, हालांकि मंत्रालय अपने रिकॉर्ड में militants और आम नागरिकों की अलग से गिनती नहीं करता है।
इस बीच, 26 अगस्त 2026 को मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष समन्वयक रमीज अलाखाबorov ने चेतावनी दी थी कि सीजफायर बहुत कमजोर स्थिति में है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि नागरिकों और मानवीय सुविधाओं समेत नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए और उनकी सुरक्षा हर हाल में होनी चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इन तमाम घटनाओं और बढ़ते तनाव के बाद, यूनाइटेड किंगडम की सरकार के एक प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की है कि उनके दूतावास के अधिकारियों ने इस विशेष मामले को इसराइली अधिकारियों के सामने उठाया है और इस पर बातचीत की है।