Gaza Ceasefire Violation: गाजा में युद्धविराम के बाद भी हमले जारी, 4300 से ज्यादा बार हुआ समझौता उल्लंघन

Nura Basta1 September 20262 min read50 viewsEnglish
Gaza Ceasefire Violation: गाजा में युद्धविराम के बाद भी हमले जारी, 4300 से ज्यादा बार हुआ समझौता उल्लंघन

गाजा के सरकारी मीडिया कार्यालय ने हाल ही में एक चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है जिसमें बताया गया है कि 10 अक्टूबर 2025 को हुए संघर्षविराम समझौते के बाद से इजरायल की तरफ से कम से कम 4,379 बार नियमों का उल्लंघन किया गया है। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए इन आंकड़ों के मुताबिक, इन लगातार चल रहे हमलों की वजह से अब तक 1,320 फिलिस्तीनी नागरिकों की जान जा चुकी है और करीब 4,385 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस पूरी स्थिति पर अधिक जानकारी आप ReliefWeb Report के माध्यम से पढ़ सकते हैं, जिसमें मानवीय संकट का पूरा ब्योरा दिया गया है।

ताजा हमलों ने बढ़ाई चिंता

बीते 31 अगस्त 2026 को हुई घटनाओं ने इस इलाके की शांति और स्थिरता पर एक बार फिर से बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। उस दिन इजरायली सैन्य अभियानों के तहत दक्षिणी गाजा सिटी के ताल अल-हवा इलाके में एक नागरिक वाहन को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया, जिसमें मौके पर ही 3 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा, गाजा म्युनिसिपलिटी पार्क के पास एक और अलग हमले में 2 लोगों की जान चली गई। इन जमीनी हमलों के अलावा, रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि इजरायली नौसेना बलों ने फिलिस्तीनी मछुआरों की नावों पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की, जिससे कुल 5 मछुआरों को गंभीर चोटें आईं और वे घायल हो गए।

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हमास और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों का रुख

हमास संगठन ने इन सभी घटनाओं को छिटपुट या सामान्य उल्लंघन मानने से साफ इंकार किया है और इसे युद्ध का एक व्यवस्थित सिलसिला बताया है जो तय हुए संघर्षविराम की शर्तों के पूरी तरह खिलाफ है। आपको बता दें कि यह समझौता अमेरिका, मिस्र और कतार जैसे देशों की अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के बाद लागू हुआ था। इस मूल 20-सूत्रीय समझौते के तहत हमास को कुल 48 बंधकों को वापस लौटना था और अपने मिलिशिया को डिसआर्म करना था। वहीं दूसरी तरफ, इजरायली सेना को 'येलो लाइन' तक पीछे हटना था और पकड़े गए फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करना था।

इन तमाम प्रावधानों के होने के बावजूद जमीन पर हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। गाजा के सरकारी मीडिया कार्यालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत दखਲ देने और दबाव बनाने की अपील की है ताकि इस समझौते को सख्ती से लागू कराया जा सके और आम नागरिकों की और अधिक मौतों को रोका जा सके। आम लोग और मानवाधिकार संगठन लगातार यह मांग कर रहे हैं कि मध्यस्थ देशों को आगे आकर इस स्थिति को संभालना चाहिए ताकि इलाके में रहने वाले सामान्य नागरिकों को राहत मिल सके और हिंसा का यह दौर पूरी तरह से थम सके।

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