Gaza City में इसराइली सैन्य हमलों से मची तबाही, 5 फलस्तीनियों की मौत और कई घायल

Praggya Singh sabal1 September 20262 min read44 viewsWorld
Gaza City में इसराइली सैन्य हमलों से मची तबाही, 5 फलस्तीनियों की मौत और कई घायल

गाजा सिटी में 1 सितंबर 2026 को उस समय भारी अफरातफरी और तबाही मच गई, जब इलाके में कई तीव्र इसराइली सैन्य हमले किए गए। मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हिंसक हमलों में कम से कम पाँच फलस्तीनी नागरिकों की जान चली गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर आम लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और पूरे इलाके में डर का माहौल बना हुआ है।

हमलों की मुख्य वजह और तबाही का मंजर

मिली जानकारी के अनुसार, इस ताजा संघर्ष की शुरुआत तब हुई जब पश्चिमी गाजा सिटी में एक इसराइली विशेष सैन्य दल (Special Forces) घुसपैठ कर गया था, जिनकी स्थानीय लोगों द्वारा पहचान कर ली गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच जोरदार झड़पें शुरू हो गईं। अपनी इस फोर्स को सुरक्षित वापस निकालने के लिए इसराइली रक्षा बलों (IDF) ने अल-कतीबा इलाके के आसपास धुआंधार हवाई हमले, ड्रोन से गोलाबारी और स्मोक बमों का इस्तेमाल किया।

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चिकित्सा सूत्रों से मिली खबरों के मुताबिक, गाजा सिटी के एक म्युनिसिपल पार्क के पास हुए हमले में दो लोगों की मौत हो गई। वहीं पश्चिमी गाजा के तल अल-हवा (Tal al-Hawa) इलाके में एक चलती गाड़ी को इसराइली एयरस्ट्राइक द्वारा निशाना बनाए जाने से तीन अन्य लोग मारे गए। इसके अलावा, अल-कतीबा क्षेत्र के पास एक इसराइली ड्रोन हमले में दो मासूम बच्चों की भी जान चली गई, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है।

मछुआरों की गिरफ्तारी और अंतरराष्ट्रीय चिंता

हिंसा और गोलाबारी के इसी माहौल के बीच इसराइली नौसेना ने मंगलवार को मध्य और दक्षिण-पश्चिम गाजा सिटी के तटों से 10 फलस्तीनी मछुआरों को हिरासत में ले लिया। उनकी नावों पर अंधाधुंध गोलीबारी करने के बाद उन्हें जबरन अशदोद बंदरगाह ले जाया गया। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इन लगातार हो रही नागरिक मौतों और मानवीय संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टेफन दुजारिक (Stéphane Dujarric) ने नागरिकों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा की सख्त जरूरत पर जोर दिया और कहा कि अस्पतालों को किसी भी कीमत पर निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। इसके साथ ही, संयुक्त राष्ट्र का मानवीय मामलों का समन्वय कार्यालय (OCHA) फंड की कमी, निर्माण सामग्री न मिलने और भारी मशीनरी तथा ईंधन के आभाव के कारण गाजा में आगामी बारिश के मौसम से निपटने की तैयारियों में भारी संघर्ष कर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी कानूनी कार्रवाई

गाजा में चल रहे इस व्यापक संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी शिकंजा भी कसता जा रहा है। दक्षिण अफ्रीका द्वारा अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में इस्राइल के खिलाफ कानूनी कार्यवाही पहले से ही चल रही है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने गाजा में कथित युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं।

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