Gaza Crisis: गाजा के अस्पतालों में बिजली का भारी संकट, ईंधन और स्पेयर पार्ट्स की कमी से वेंटिलेटर बंद होने की नौबत.

Aanya11 September 20262 min read37 viewsWorld
Gaza Crisis: गाजा के अस्पतालों में बिजली का भारी संकट, ईंधन और स्पेयर पार्ट्स की कमी से वेंटिलेटर बंद होने की नौबत.

गाजा पट्टी के अस्पतालों में इन दिनों गंभीर ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमराने लगी हैं। 11 सितंबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार, नासिर अस्पताल सहित कई बड़े स्वास्थ्य केंद्रों को बिजली बचाने के लिए कड़े कदम उठाने पड़ रहे हैं। ईंधन, इंजन ऑयल और जरूरी स्पेयर पार्ट्स की भारी कमी के कारण अस्पतालों को अपने भवनों में रोटेशन के आधार पर बिजली की कटौती करनी पड़ रही है, ताकि किसी तरह जरूरी कामकाज चलाया जा सके। आम जनता और मरीज इस संकट से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और अस्पतालों में हालात दिन-प्रतिदिन बदतर होते जा रहे हैं।

नासिर अस्पताल में जनरेटर खराब और तेल बदलने का समय बढ़ाया गया

नासिर अस्पताल के अंदरूनी मेडिसिन विशेषज्ञ अहमद अल-नब्रिस ने जानकारी दी कि अस्पताल के कुल चार जनरेटरों में से एक पूरी तरह से खराब हो चुका है। बाकी बचे तीन जनरेटरों में से दो बड़े जनरेटर रख-रखाव के सामान और इंजन ऑयल की कमी के कारण बहुत ज्यादा घिस चुके हैं। इस कमी से निपटने के लिए तकनीशियनों को मजबूरी में इंजन ऑयल बदलने के समय को सामान्य 250 घंटे से बढ़ाकर लगभग 1,000 घंटे करना पड़ा है। इस वजह से मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मरीज जैसे कि फातिमा अबू तैमा ने बताया कि बिजली कटने के दौरान उन्हें अक्सर वेंटिलेटर और नेबुलाइज़र जैसे जीवन रक्षक उपकरणों से वंचित रहना पड़ता है, जिससे उनकी जान पर हर वक्त खतरा मंडराता रहता है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

अंतरराष्ट्रीय संगठनों और स्थानीय प्रशासन की चेतावनी

गाजा पट्टी नगरपालिका संघ ने 5 सितंबर 2026 को चेतावनी दी थी कि यह पूरा क्षेत्र जरूरी सेवाओं के कुल पतन की कगार पर पहुंच रहा है। संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने भी 10 सितंबर 2026 को अपनी एक रिपोर्ट में राहत सामग्री पहुंचाने में आ रही लगातार बाधाओं का जिक्र किया था। इसके अलावा फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने अगस्त 2026 में एक अभूतपूर्व संकट की चेतावनी देते हुए बताया था कि कैंसर की 61% जरूरी दवाएं इस समय उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, 'डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स' (MSF) संस्था ने भी आगाह किया है कि जरूरी सामानों और दवाओं की पाबंदी के कारण हजारों लोगों की जान खतरे में पड़ गई है।

सुरक्षा के नाम पर आयात पर पाबंदियां और स्थानीय लोगों की मुश्किलें

अल-शिफा मेडिकल कॉम्प्लेक्स के निदेशक डॉ. मोहम्मद अबू सलमिया ने बार-बार चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल के बुनियादी ढांचे में सुधार नहीं हुआ, तो पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था ठप हो सकती है। हालांकि अक्टूबर 2025 में एक अमेरिकी मध्यस्थता से युद्धविराम समझौता हुआ था, लेकिन इजरायली अधिकारियों ने हमास के खिलाफ सुरक्षा उपायों का हवाला देते हुए ईंधन और मशीनी पार्ट्स के आयात पर सख्त पाबंदियां जारी रखी हैं। स्थानीय परिवारों के लिए यह संकट और भी बड़ा हो गया है क्योंकि डीजल और तेल की कीमतें बढ़ने के कारण मोहल्लों के जनरेटरों से मिलने वाली बिजली भी आम लोगों की पहुंच से बहुत दूर और महंगी हो गई है।

Share:

Comments

Leave a comment