गाजा में फिर भड़की हिंसा, इसराइल के हमलों में 10 फलस्तीनी की मौत और कतर ने की ईरान की निंदा

Praggya Singh sabal12 September 20263 min read76 viewsQatar
गाजा में फिर भड़की हिंसा, इसराइल के हमलों में 10 फलस्तीनी की मौत और कतर ने की ईरान की निंदा

गाजा पट्टी में इसराइली हमलों का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे आम लोगों की जिंदगी बेहद मुश्किल हो गई है। हाल ही में गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि पिछले अड़तालीस घंटों के दौरान इसराइली हमलों में कम से कम 10 फलस्तीनी मारे गए हैं और 56 लोग घायल हुए हैं। हालात इतने खराब हैं कि कई घायल और पीड़ित लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं, लेकिन लगातार हो रही गोलाबारी और हमलों की वजह से राहत और बचाव दल उन जगहों तक पहुंच नहीं पा रहे हैं। अक्टूबर 2025 में हुए समझौते के बाद से समझौते के उल्लंघन का यह 338वां दिन है, जिससे पूरे इलाके में तनाव और डर का माहौल बना हुआ है।

खान युआन और गाजा सिटी में सैन्य कार्रवाई

हालिया सैन्य गतिविधियों के तहत खान युआन के अल-मावासी इलाके में ड्रोन से हमले किए गए, जिसमें कम से कम नौ फलस्तीनी घायल हो गए। इसके अलावा, गाजा सिटी के तट पर इसराइली नौसेना द्वारा मछली पकड़ने वाली नावों पर गोलीबारी करने की खबरें भी सामने आई हैं। इससे पहले ग्यारह सितंबर को इसराइली सेना और शिन बेट ने इस बात की पुष्टि की थी कि दक्षिणी गाजा में हुए एक हवाई हमले में हमास के खान युआन ब्रिगेड कमांडर मोहम्मद अब्दुल सलाम अल-याझूरी और उनके दो साथी मारे गए थे। दस सितंबर को बेइत लाहिया में हुए एक इसराइली हमले में दो बच्चों समेत एक पूरा परिवार यानी चार लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में इसराइली सेना का कहना था कि उस जगह का इस्तेमाल आतंकवादियों द्वारा किया जा रहा था और हमला करने से पहले वहां से लोगों को हटाने की चेतावनी भी जारी की गई थी।

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गंभीर मानवीय संकट और स्वास्थ्य सेवाएं

गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 के समझौते के बाद से अब तक कुल 1,369 फलस्तीनी अपनी जान गंवा चुके हैं और 4,627 लोग घायल हुए हैं। अगर 7 अक्टूबर 2023 से अब तक के कुल आंकड़ों की बात करें तो मरने वालों की संख्या बढ़कर 73,783 हो गई है और 174,738 लोग घायल हुए हैं। इस बीच इलाके में मानवीय संकट बहुत ज्यादा गहरा गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अगस्त 2026 में यह रिपोर्ट दी थी कि कैंसर और खून की बीमारियों से जुड़ी जरूरी दवाओं में से 61 प्रतिशत दवाएं अस्पताल या मेडिकल स्टोर में उपलब्ध ही नहीं हैं, जिससे मरीजों की जान पर हर वक्त खतरा मंडरा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और कतर का कड़ा रुख

ब्रीक्स (BRICS) देशों के नेताओं ने बारह सितंबर 2026 को दो-देशीय समाधान (two-state solution) के प्रति अपना समर्थन फिर से दोहराया। उन्होंने चल रही हिंसा पर गहरी चिंता जताई और लोगों को जबरन बेघर करने पर रोक लगाने तथा बिना किसी रुकावट के राहत सामग्री पहुंचाने की मांग की। वहीं दूसरी ओर, कतर के विदेश मंत्रालय ने बारह सितंबर को एक आधिकारिक बयान जारी किया। इस बयान में ईरान द्वारा कई अरब देशों पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की गई और साथ ही यह भी साफ किया गया कि फलस्तीनी मुद्दा कतर की विदेश नीति में हमेशा सबसे बड़ी प्राथमिकता बना रहेगा।

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